बेंगलूर में अपहरण और हत्या, रायपुर के मठपुरैना से तीन आरोपी गिरफ्तार, फिरौती की रकम मांगने में थी भूमिका

रायपुर। बेंगलुरु में 9 साल के बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में रायपुर और बेंगलुरु की पुलिस ने मठपुरैना से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी गैंग के B टीम के सदस्य है जो केवल फोन करके फिरौती की रकम मांगते है। इन्हें फोन के लोकेशन के आधार पर बेंगलूर की पुलिस ढूंढते हुई यहां आई थी।

रिजवान, सिराज और नौशाद रायपुर के मठपुरैना, मोती नगर इलाके में रहते हैं। यह तीनों फेरी लगाकर सामान बेचने का काम करते हैं। इनका लिंक बेंगलुरु के अपहरण गैंग से भी था। मूलत: बिहार के रहने वाले ये तीनों बदमाश दरअसल इस पूरे अपहरण कांड की टीम बी की तरह काम कर रहे थे। इन्होंने ही रायपुर से बच्चे के मां-बाप को 25 लाख रुपए की फिरौती के लिए फोन किया था। फोन लोकेशंस की जानकारी हासिल होते ही बेंगलुरु पुलिस की टीम शनिवार को रायपुर आई थी और एसएसपी अजय यादव से मुलाकात कर सहयोग मांगा। इसके बाद रायपुर पुलिस की खुफिया टीम ने इन युवकों को हिरासत में लिया है अब उन्हें कोर्ट में पेश कर बेंगलुरु ले जाने की तैयारी की जा रही है। रायपुर से गिरफ्तार किए गए युवकों से पूछताछ करने पर पता चला कि मुख्य आरोपी पुणे का रहने वाला है। वह नौशाद की खाला (बुआ) का लड़का है। पुलिस को उसके एड्रेस के बारे में भी जानकारी मिल गई है। पुलिस अब यह भी छानबीन कर रही है कि क्या यहां से गिरफ्तार किए गए युवक किसी और अपहरण, हत्या जैसी वारदात में शामिल रहे है। इस मामले की जांच कर रहे साइबर सेल के अधिकारी कहते हैं कि बड़े गैंग के ऑपरेट करने का तरीका एक सा रहता है। अमूमन देखा गया है कि अपहरण के बाद फिरौती के लिए फोन दूसरे प्रदेश से ही आते हैं। रायपुर के एक बड़े कारोबारी का जब करीब दो साल पहले अपहरण हुआ था तो दूसरे प्रदेशों से ही फिरौती के लिए फोन आए थे। ऐसा पुलिस को गुमराह करने के लिए किया जाता है।पुलिस के अनुसार आसिफ नाम के जिस बच्चे का अपहरण किया गया था। उसके पिता हेब्बागोडी इलाके के कांट्रेक्टर हैं। 3 जून को आसिफ क्रिकेट खेलने गया था। उसी दौरान उसका अपहरण कर लिया गया। इस घटना को कुछ बच्चों ने देखा था और उन्होंने उसी समय परिजनों को बताया था। लेकिन तब तक अपहरणकर्ता दूर निकल चुके थे। स्थानीय स्तर पर नाकाबंदी भी की गई थी, पर कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस की कार्रवाई हुई तो ये खबर भी आई कि किडनैपर्स ने शर्त रखी थी कि अगर परिजन पुलिस के पास गए तो वह बच्चे की हत्या कर सकते हैं। बच्चे के मां बाप की पुलिस से शिकायत करने की जानकारी किडनैपर्स को लग गई और उन्होंने उसे मार दिया। बच्चे का शव पुलिस को मिल गया है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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