ADG सिंह ने बलि देने के लिए मंगाया था 20 पैर वाला कछुआ, विदेशों में भी है निवेश और बैंक खाते

रायपुर। ADG जीपी सिंह के राजधानी स्थित सरकारी बंगला में 54 घंटे से एसीबी की छापामार कार्रवाई जारी है। शनिवार की दोपहर तक टीम उनके बंगले में ही दस्तावेज और डायरी खंगालती रही। अभी तक के जांच में विदेशों में खाते और निवेश संबंधी कई अहम दस्तावेज मिले हैं जिनकी जांच GP सिंह के घर पर ही की जा रही है। बीते 54 घंटों से एडीजी GP सिंह अपने घर में बंद हैं। उनके साथ उनका बेटा और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद हैं। इस दौरान GP सिंह ने फोन पर कुछ लोगों से बात भी की है, लेकिन, ACB की नजर उन पर लगातार बनी हुई है। कुछ दस्तावेजों में अफसर और नेताओं के नाम भी मिलने की बात कही जा रही है। जानकारी के अनुसार, GP सिंह की अभी गिरफ्तारी नहीं होगी। आज छापे की कार्रवाई पूरी हो सकती है और ACB की टीम बंगले से निकल सकती है।

00 तंत्र-मंत्र में भी था भरोसा

जांच टीम के अधिकारियों को यहां से कुछ दस्तावेज और पुराने फटे पन्ने मिले हैं। इस डायरी में जादू-टोने से जुड़ी बातें लिखी हुई हैं। कुछ ऐसा अजीबो-गरीब सामान भी सिंह के यहां से मिला है जो अमूमन तंत्र-मंत्र के काम आया करता है। एक डायरी में कोड वर्ड में कुछ अधिकारियों के बारे में अजीबो-गरीब बात लिखी हैं। जादू-टोने की बातें ये Police महकमे के ही बड़े अधिकारियों के बारे में हैं। डायरी में लिखा है- वह थाईलैंड से 20 पैर वाला कछुआ मंगवा चुका है।उसकी बलि देने के बाद कुछ भी कर सकेगा। इनमें से एक अफसर का नाम “छोटा टकला” अंकित किया गया है। लिखा है कि छोटा टकला ने एक अफसर का बाल काट लिया है, इसलिए सब कुछ बिगाड़ सकता है। ऐसा अनुमान है कि छोटा टकला प्रदेश के ही एक सीनियर अफसर का कोड वर्ड है। ये बहरहाल, कई मामलों में फंसे हुए हैं और इनके खिलाफ जांच जारी है।

00 दो अधिकारियों के लिए अनोपचंद- तिलोकचंद

दो और अधिकारियों के लिए अनोपचंद- तिलोकचंद अंकित है। कुछ IAS अफसरों, सचिव स्तर के अफसरों, कांग्रेस-BJP के नेताओं का नाम भी कोड वर्ड में लिखा है। इन सभी दस्तावेज को बारीकी से जांच किया जा रहा है। एसीबी की जांच टीम को GP सिंह के विदेशी बैंकों में कई खातों की जानकारी मिली है। उन खातों की लिस्टिंग, रुपए कहां से आया किसने दिया, इन पहलुओं की जांच ACB की टीम कर रही है। कनाडा, ब्रिटेन और कुछ देशों में बसे परिजनों के माध्यम से निवेश की जानकारी की भी जांच हो रही है। शुक्रवार शाम तक की स्थिति में Odisha में संपत्ति, कंस्ट्रक्शन के काम में इस्तेमाल होने वाले आधा दर्जन वाहन, कई बैंक अकाउंट्स, 75 से अधिक बीमा पॉलिसी के सबूत टीम को मिले थे। ये सब GP सिंह उनकी धर्म पत्नी और उनके पुत्र के नाम पर हैं।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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