निजी क्लिनिक में लग रही थी चोरी की वेक्सीन, हटाए गए डॉ मखीजा, कलेक्टर की करवाई, CMHO की भूमिका भी संदिग्ध

कोरबा। सरकारी वेक्सीन को निजी क्लिनिक में लगाकर मनमाना शुल्क वसूलना डॉक्टर अशोक मखीजा को भारी पड़ गया। कोरबा कलेक्टर रानू साहू ने उसे तत्काल प्रभाव हटा दिया है। बताया जा रहा है कि डॉ मखीजा के क्लिनिक में चोरी की वैक्सीन पहुंचती थी। हालांकि उनके क्लिनिक में वेक्सीन कैसे पहुंचती थी ये जांच का विषय है। इस मामले में कोरबा CMHO की भूमिका संदिग्ध है।

कोरबा कलेक्टर रानू साहू को सरकारी वेक्सीन की कालाबाजारी होने की शिकायत लगातार मिल रही थी। शिकायत में बताया गया था कि सरकारी वेक्सीन निजी क्लिनिक में लाकर लगाया जा रहा है और मनमाना शुल्क भी लिया जा रहा है। कलेक्टर के आदेशानुसार एसडीएम सुनील नायक शनिवार की सुबह सीएमएचओं कार्यालय पहुंचकर जांच की तो पता चला कि विभाग में काम करने वाले लोग ही वेक्सीन की चोरी कर रहे है। इस मामले में डॉ अशोक मखीजा की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद SDM ने दोषी डॉक्टर माखीजा सहित स्वास्थ विभाग के जिम्मेदार लोगो का बयान दर्ज किया और देर शाम जांच रिपोर्ट कलेक्टर रानू साहू को सौप दिया। जिस पर कलेक्टर रानू साहू ने रविवार को एक आदेश जारी कर डॉक्टर अशोक माखीजा को डीएमएफ से तत्काल प्रभाव से हटा दिया।

बताया जा रहा है कि डॉ.माखीजा ने पूछताछ के दौरान ये नही बताया कि आखिर किसके माध्यम से सरकारी वैक्सीन उनके निजी क्लीनिक तक पहुंच रहे थे। उनका हर बार यहीं कहना था कि वे बचे हुए वैक्सीन को कलेक्ट कर अपने क्लीनिक में लगया करते थे। जबकि CMHO कार्यालय का रिकार्ड बता रहा है कि पिछले 2 महीने से जिले के किसी भी केंद्र में वैक्सीन नही बच नही रही है। उल्टा लोगों को वैक्सीन खत्म होने के कारण वापस लौटना पड़ रहा था। आखिर विभाग में कौन सा गिरोह काम कर रहा है जो सरकारी वेक्सीन चोरी करके निजी क्लीनिक में सप्लाई कर रहा है। इसका खुलासा होना अब भी बांकी है। लेकिन इस पूरे मामले में CMHO डॉ बीबी बोर्डे की भूमिका नही संदिग्ध है। माना जा रहा है कि
वैक्सीन की कालाबाजारी में डीएमएफ से छुटटी किये जाने वाले डॉ.अशोक माखीजा की मनमानी पर बड़े अफसरो का संरक्षण प्राप्त था। रानी धनराज कुंवर प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में पोस्टेड डॉ.माखीजा की ओपीडी टाईमिंग दूसरे डाक्टरों की तरह ही सुबह 10 बजें से शाम 4 बजें तक की थी, लेकिन डॉ. माखीजा कभी भी दो घंटे से ज्यादा अपने ओपीडी में नही बैठते थे। इसे लेकर पीएचसी के बीएमओं डॉ.दीपक राज सीएमएचओं को मार्क कर हाजिरी के ब्यौरा के साथ टीप में डॉ.अशोक माखीजा के ओपीडी में सुबह 10 बजें से दोपहर 12 बजें तक ही बैठने की जानकारी से अवगत कराते थे। ये सिलसिला पिछले 4 महीने से चल रहा है। सीएमएचओं डॉ.बी.बी.बोर्ड ने कभी भी डीएमएफ से पोस्टेड डॉ.माखिजा की इस मनमानी पर नोटिस जारी नही किया गया।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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