निलंबित ADG जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज, ACB की जांच में मिले कई अहम सबूत

रायपुर। निलंबित ADGP जीपी सिंह के खिलाफ गुरुवार देर रात राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद उनके गिरफ्तारी संभावना बढ़ गई है।बताया जा रहा है कि छापे के दौरान ACB को एडीजी के सरकारी बंगले और उनके करीबियों के यहां से कुछ डोजियर, टूलकिट दस्तावेज और पेन ड्राइव मिले थे, जिसकी जांच में पुलिस ने सरकार के खिलाफ षड्यंत्र करने के कई सबूत मिले है।

पिछले दिनों एसीबी ईओडब्ल्यू ने जीपी सिंह और उनके करीबियों के यहां छापे की कार्रवाई की थी, जिसमें 10 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ था। इसके साथ ही आपत्तिजनक डोजियर और टूलकिट दस्तावेज समेत पेन ड्राइव जब्त की गई थी। जिसके बाद राज्य सरकार के गृह विभाग ने जीपी सिंह को निलंबित कर दिया था। पिछले एक हफ्ते से एसीबी और रायपुर पुलिस की टीम इन दस्तावेजो की जांच में जुटी हुई थी। जांच के बाद पुलिस ने देर रात 154-A और 124-A की धाराओं में मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में भारतीय सेवा यानी आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के किसी अधिकारी के खिलाफ राजद्रोह का यह पहला मामला दर्ज हुआ है। इससे पहले भारतीय सेवा के किसी अधिकारी पर यह केस दर्ज नहीं किया गया है।

ADG जीपी सिंह निलंबित

पहले दिन की कार्रवाई में एसीबी को ADG जीपी सिंह के घर से बेशुमार दौलत के दस्तावेज मिले थे। 75 से अधिक बीमा पॉलिसी, बैंकों में जमा 1 करोड़ रुपए की गिनती, कई मकानों, जमीनों में निवेश के कागज भी मिले हैं। एसीबी को जीपी सिंह के घर से बैंकों में बेहिसाब खातों के पासबुक मिले हैं। इतना ही नहीं जीपी सिंह के घर से डेढ़ करोड रुपये के म्यूच्यूअल फंड और शेयर के इन्वेस्टमेंट के दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। एसीबी के मुताबिक फंड्स और शेयर के दस्तावेज में रकम कई करोड़ रुपए तक पहुंचने की जानकारी है। ओडिशा में संपत्ति, कंस्ट्रक्शन के काम में इस्तेमाल होने वाले आधा दर्जन वाहन, कई बैंक अकाउंट्स, 75 से अधिक बीमा पॉलिसी के सबूत मिले थे। इन सबूतों के आधार पर छत्तीसगढ़ गृह विभाग ने 5 जुलाई को जीपी सिंह को निलंबित कर दिया। बता दें कि गुरुवार सुबह 6 बजे एसीबी और EOW की जांच टीम जीपी सिंह के सरकारी बंगले में दाखिल हुई थी. करीब 75 घंटे की छापेमार कार्रवाई में करोड़ों रुपये बरामद किए गए. एसीबी की टीम ने जीपी सिंह पर धारा 13 (1)बी, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यथा संशोधित 2018 के तहत केस पंजीबद्ध किया था. इसके बाद जीपी सिंह के काली कमाई का परत दर परत खुलासा होते गए. एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम उन खातों की लिस्टिंग, पैसा कहां से आया किसने दिया, इन पहलुओं की जांच की. अब ये सारे दस्तावेज करोड़ों रुपये के काली कमाई की सबूत दे रहे हैं.

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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