शातिर चोर ने पहले लिफ्ट लेकर 30 किलोमीटर सफर की और नेहरू चौक पहुंचते ही बाइक लेकर रफूचक्कर हो गया, चार दिन बाद गिरफ्तार

बिलासपुर। शातिर चोर ने क्लर्क से पहले लिफ्ट लेकर 30 किलोमीटर सफर किया फिर झांसे में लेने के लिए अपने आपको सब इंस्पेक्टर बताया। इसके बाद नेहरू चौक से उसकी बाइक लेकर रफूचक्कर हो गया। पुलिस ने घटना के चार दिन बाद शातिर चोर को पकड़ लिया है। उससे क्लर्क की बाइक भी जब्त कर ली है।

जानकारी के अनुसार सरकंडा के मोपका निवासी रोहित शर्मा शिक्षा विभाग में क्लर्क है और कोरबा जिले के पाली में उनकी पोस्टिंग है। 7 दिसंबर को रोहित अपनी बाइक से बिलासपुर आ रहे थे। तभी बेलतरा के पास एक युवक ने उससे लिफ्ट मांगी। इस दौरान बातचीत में युवक ने अपना नाम अरूणदास मानिकपुरी बताया। साथ ही पुलिस विभाग का सब इंस्पेक्टर बताते हुए सिटी कोतवाली थाने में पदस्थ होने की जानकारी दी। बिलासपुर पहुंचने के बाद युवक ने क्लर्क को नेहरू चौक तक छोड़ने की बात कही। नेहरु चौक पहुंचने से पहले ही उसने क्लर्क को झांसा दिया कि वहां पुलिस की चेकिंग चल रही है। उसने जांच से बचने के लिए बाइक मांगी और उन्हें पैदल नेहरु चौक बुलाया। उसकी बातों में आकर क्लर्क कुछ दूर पैदल चलने के लिए तैयार हो गए। पैदल नेहरु चौक पहुंचने के बाद क्लर्क युवक का इंतजार करता रहा, लेकिन वह पहुंचा ही नहीं। इसके बाद उन्होंने ठग के दिए मोबाइल नंबर पर भी संपर्क किया, लेकिन बंद मिला। घटना 7 दिसंबर शाम की है। युवक के बाइक लेकर फरार होने की शिकायत क्लर्क ने उसी दिन सिविल लाइन थाने में की थी। लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए जांच कर युवक की पतासाजी करने की बात कही। इधर, क्लर्क रोहित शर्मा भी अपने स्तर पर उसकी खोजबीन में जुटे रहे। चार दिन तक पुलिस उसकी तलाश करती रही। उसके पकड़ में आने के बाद पुलिस ने शनिवार को क्लर्क रोहित शर्मा को थाने बुलाया और उनकी रिपोर्ट दर्ज की। शनिवार को पुलिस ने अरुण दास मानिकपुरी को कोरबा में दबिश देकर पकड़ लिया।

00 ऐसे पकड़ाया आरोपी युवक
अपने आप को पुलिस वाला बताने वाला युवक अरुणदास ने क्लर्क रोहित शर्मा को दो मोबाइल नंबर दिया था। जिसमें से अपने मोबाइल नंबर को उसने बंद कर दिया था। जबकि, दूसरा नंबर उसके बड़े पिता के बेटे का था। पुलिस ने दोनों नंबर को ट्रेस किया। तब उसके बड़े पिता के बेटे से संपर्क हुआ। पुलिस ने उसे थाने में बैठाकर पूछताछ की और अरूण दास की जानकारी जुटाई। उसकी मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची और वह गिरफ्त में आ गया।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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