रेत का खेल, वैध ठेकेदारों की अवैध वसूली, ग्राहकों को मिल रहा तिगुने दाम में रेत, CM के आदेश का साइड इफेक्ट्स

बिलासपुर। मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद रेत घाटों से रेत चोर गायब हो गए है। लेकिन रेत के वैध ठेकेदारों ने अवैध वसूली शुरू कर दी है। यही कारण है कि आम उपभोक्ताओं को रेत तीन गुना अधिक कीमत में रेत मिल रहा है।

पिछले दिनों प्रदेश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेत के अवैध उत्खनन पर सख्त रुख अपनाया था। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा था कि अब रेत का अवैध उत्खनन हुआ तो कलेक्टर और SP जिम्मेदार होंगे। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों रेत के अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई थी। इसका नतीजा ये हुआ कि रेत घाटों से रेत चोर और उनकी गाड़ियां गायब हो गई। आज की तारीख में रेत के अवैध उत्खनन कहीं दिखाई नही देता। लेकिन इसका फायदा रेत के वैध ठेकेदारों ने उठाना शुरू कर दिया। जिन ठेकेदारों की लीज अवधि समाप्त हो गई थी उन ठेकेदारों ने घाट में रेत खत्म हो जाने के बाद भी शुल्क जमा कर घाट का नवीनीकरण करा लिया। अब रेत के वैध ठेकेदार अवैध कारोबार कर रहे है। जिसमे सबसे प्रमुख नाम घुटकू रेत घाट श्रृंगारबाड़ी प्रमुख है। इस घाट का ठेकेदार सौरभ श्रीवास प्रत्येक हाईवा से 4 हजार रुपए रॉयल्टी वसूल रहा है। जबकि खनिज विभाग की रॉयल्टी मात्र 1335 रुपए ही है। इसी तरह एक ट्रैक्टर रेत की रॉयल्टी 12 सौ रुपए वसूला जा रहा है। जबकि एक ट्रैक्टर रेत की वास्तविक रॉयल्टी 4 सौ रुपए है। इस तरह वैध रेत ठेकेदार तीन गुना ज्यादा की अवैध वसूली कर रहा है। रेत के धंधे से जुड़े कारोबारियों की माने तो घुटकू रेत घाट से प्रतिदिन सौ हाईवा और 4 सौ ट्रेक्टर रेत निकाला जा रहा है। प्रतिदिन रेत का वैध ठेकेदार लाखों की अवैध कमाई कर रहा है। इसका नतीजा ये हो रहा है कि आम उपभोक्ता को रेत तीन गुना ज्यादा कीमत में मिल रहा है। कुल मिलाकर रेत से जुड़े वैध-अवैध दोनों तरह के कारोबारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंसूबे पर पानी फेर रहे है। जबकि मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता को मामूली कीमत में ही रेत दिलाना चाहते है, ताकि आम आदमी को अपना घर बनाने में कोई परेशानी न हो।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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