गुंडों के हवाले मस्तूरी क्षेत्र के मतदाता, नकारा साबित हो रहे क्षेत्र के विधायक डॉ कृष्णमूर्ति बांधी, अब गुंडे ही खोल रहे MLA के खिलाफ मोर्चा

बिलासपुर। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र का आधा हिस्सा गुंडों के हवाले है। आम आदमी अवैध उगाही, जमीन, मकान, खेत-खलिहान को गुंडों से बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे है। क्षेत्र का विधायक नकारा साबित हो रहा है। अब तो गुंडों ने ही उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

डेढ़ साल बाद मस्तूरी क्षेत्र का विधायक डॉ कृष्णमूर्ति बांधी मस्तूरी क्षेत्र के गांवों में गली-गली जाकर वोट मांगेंगे। सवाल उठता है कि क्षेत्र की जनता उन्हें वोट क्यों दे ? क्या वो जनता के सुख-दुख में शामिल हो रहे है ? क्या वो जनता की समस्याओं के लिए सड़क की लड़ाई लड़ रहे है ? तो इन दोनों सवालों के जवाब को लेकर वे नकारा साबित हो रहे है। मस्तूरी क्षेत्र के दी दर्जन से अधिक गांव कांग्रेस के ब्लाक अध्यक्ष नागेंद्र राय और जिला सचिव टाकेश्वर पाटले के आतंक में जी रहे है। आम आदमी की जमीन, मकान, खेत-खलिहान में बलात कब्जा करना, खदान संचालकों से, इट भट्ठा चलाने वालों से, ठेकेदारी करने वालों से बलात उगाही करना आम बात हो गई है। पिछले तीन सालों से जनता ब्लाक अध्यक्ष और जिला सचिव खुले आम गुंडागर्दी कर रहे है लेकिन क्षेत्र का विधायक डॉ कृष्णमूर्ति बांधी पूरी पिक्चर से गायब है। गुंडों से आम आदमी की रक्षा करने के लिए न तो वे सड़क की लड़ाई लड़ते नजर आए और न ही उनका हाल-जानना उचित समझा। आज तक जनता के साथ वो कभी कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपने के लिए भी नहीं पहुंचे है। उनके तीन साल के कार्यकाल को देखने से स्पष्ट हो गया है कि वो पूरी तरह से नकारा साबित हो चुके है। उनकी कमजोरी का ही नतीजा है कि गुंडों ने उल्टे उन्ही के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को ब्लाक अध्यक्ष और जिला सचिव ने डॉ बांधी के खिलाफ जमीन घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि दर्रीघाट ग्राम पंचायत मस्तूरी ब्लाक की महत्वपूर्ण ग्राम पंचायत है, क्योंकि रायपुर राजधानी से आने वाला नेशनल हाईवे दर्रीघाट के मुहाने पर खुलता है यह राष्ट्रीय राजमार्ग 49 है इस कारण इस क्षेत्र की जमीनों का भाव इन दिनों आसमान छू रहा है। ऐसे में रकवे में 25 से 30 एकड़ की हेरफेर बाजार मूल्य के अनुसार करोड़ों में हैं । इस क्षेत्र में इन दिनों 400 रुपये से लेकर 500 रुपये प्रति स्क्वायर फीट तक जमीनों की बिक्री चल रही है। सौपें गए ज्ञापन में तथ्यात्मक तरीके से बताया गया है कि खसरा क्रमांक 113 / 17, 20 / 3 तथा 77 / 7 भूस्वामी हर्षवर्धन, कीर्तिवर्धन स्वयं को भाजपा पदाधिकारी बताते हैं । क्रेता दीपक दुबे, संतराम कश्यप, संजय कश्यप, सुनील विश्वकर्मा भाजपा के पदाधिकारी हैं। रजिस्ट्री में गवाह बृजनंदन प्रसाद टंडन मस्तूरी विधायक का रिश्तेदार है तथा एक अन्य क्रेता सुमित्रा धुरी शिक्षाकर्मी है । आरोप है कि उपरोक्त खातों में खाताधारकों ने वास्तविक भूमि समाप्त हो जाने के बाद भी दस्तावेज में कूट रचना हेरफेर करके छल पूर्वक भूमि दर्ज की और उसे बेच दिया साथ ही भूमि के क्रय विक्रय में रुपयों के स्रोत की भी जांच होनी चाहिए। ज्ञापन सौंपने वाले महमंद के उप सरपंच नागेंद्र राय ने कहा कि राष्ट्रीय राज्य मार्ग 49 पटवारी हल्का नंबर 25 राजस्व निर्माण मंडल सीपत, तहसील मस्तूरी में गलत तरीके से भूमि का अधिग्रहण हुआ है बेजा कब्जा धारियों को भूमि स्वामी बताकर पट्टा दे दिया गया ऊंचे मूल्य पर मुआवजा दिया गया बाद में इन्हीं जमीनों के पीछे के हिस्से को प्लॉटिंग करके बेचा जा रहा है और आश्चर्य की बात यह है कि इस जमीन पर से नेशनल हाईवे निकला ही नहीं है। मांग की गई है कि पूरा भूमि घोटाला प्रथम दृष्टया भदौरा भूमि कांड से भी बड़ा है और क्षेत्र में खसरा नंबर 113 / 17, 20 / 3, 77 / 7 की जमीनों के क्रय विक्रय पर रोक लगाई जाए उच्च स्तरीय जांच समिति बैठाई जाए तथा तत्काल इस मामले में कलेक्टर संज्ञान ले ।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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