स्कूल शिक्षा विभाग के चूहों ने कमाई के लिए बनाया दूसरा बील, ऑन लाइन आवेदन के बाद “अनुशंसा” चढ़ावा का खेल शुरू

बिलासपुर। स्कूल शिक्षा विभाग कमाई के मामले में सबसे तगड़ा विभाग है। यहां चाक खरीदने से लेकर ब्लैकबोर्ड, डेस्क-बेंच, प्रयोगशाला उपकरण, स्पोर्ट सामग्री की खरीदी से लेकर ट्रांसफर पोस्टिंग, नई नियुक्ति, अनुकंपा नियुक्ति, भवन निर्माण, लिपाई-पुताई तक जिधर नजर घुमाओ अवसर ही अवसर उपलब्ध है। मंन्त्री और मुख्यमंत्री एक छेद बंद करते है तो शिक्षा विभाग के चूहे दूसरा बिल खोद लेते है लेकिन कमाई नहीं छोड़ते। ताजा मामला ट्रांसफर – पोस्टिंग का है। बिलासपुर के संयुक्त संचालक कार्यालय से चल रहे एक बड़े गिरोह के खिलाफ जांच चल ही रही है की दूसरा गिरोह सक्रिय हो गया है। ट्रांसफर-पोस्टिंग में एक बड़े रैकेट का खुलासा होते ही मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने ट्रांसफर-पोस्टिंग की पूरी प्रक्रिया को ऑन लाइन कर दिया है। जिसमें ट्रांसफर चाहने वाले शिक्षकों को ऑन लाइन आवेदन करना है। लेकिन शिक्षा विभाग के चूहों ने यहां भी कमाई के लिए एक बिल बना लिया है और वो है अनुशंसा का बिल। दरअसल विभाग के शिक्षक या बाबू आवेदन तो ऑनलाइन करेंगे लेकिन इसके बाद आवेदन पर DEO का अनुशंसा जरूरी है। अब इसी अनुशंसा को लेकर बाबू टेबल में दुकान सजाकर बैठ गए है। विभागीय सूत्रों की माने तो बाबू DEO से अनुशंसा कराने के लिए 50 हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए की वसूली कर रहे है। इस पूरी प्रक्रिया में बाबू एक बात को लेकर ईमानदार है वो ये आवेदक को साफ-साफ बता रहे है जो पैसा लिया जा रहा है वो केवल अनुशंसा का है ट्रांसफर का नहीं। हम ट्रांसफर की गारंटी नहीं लेंगे। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री के प्रयास से मामला 50 हजार से एक लाख में निपट जा रहा है। नहीं तो ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए 3 लाख रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक बोली लग रही थी और वसूली भी हो रही थी।

गौरतलब है कि प्रदेश भर में शिक्षकों का स्थानांतरण 2019 से बंद है, हालांकि अंदरूनी समन्वय से प्रति सप्ताह स्थानांतरण आदेश जारी होते रहे है। जिससे शिक्षा विभाग ने काफी शोहरत बटोरी। इस सभी बातों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने स्थानांतरण की प्रकिया को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया था। इसमें शिक्षक स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सके , आवेदन जिला शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा के लिए ऑनलाइन ही पहुँच जाता है। जिला शिक्षा अधिकारी के अभिमत के बाद ऑनलाइन ही यह आवेदन लोक शिक्षण संचनालय जाता हैं। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है पर इस ऑनलाइन प्रकिया में भी पैसे कमाने का जुगाड़ बाबुओ ने खोज निकाला और अनुशंसा के नाम पर जमकर वसूली शुरू कर दी है।

00 शहरी स्कूलों में बोली

अनुशंसा का खेल शहरी क्षेत्र के स्कूल में कुछ ज्यादा ही रोचक है। शहर के मध्य में स्थित एक स्कूल में एक विषय का पद वर्तमान में रिक्त नही है वहाँ पदस्थ एक व्याख्याता अगस्त में सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस विद्यालय में स्थानांतरण के लिए भी DEO द्वारा ऑनलाइन आवेदन पर अनुशंसा कर दी गयी है। स्पस्ट है सम्भवतः मई जून में जारी होने वाली स्थानांतरण आदेश में यहाँ पदस्थ होने वाला दो माह अतिशेष होगा।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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