बिलासपुर। मध्यप्रदेश की बाढ़ जानलेवा हो गया है। एक पटवारी और एक तहसीलदार के बहने की खबर आ रही है। पटवारी की तीन किलोमीटर दूर पटवारी का शव मिला है जबकि तहसीलदार अभी भी लापता है।

मध्यप्रदेश में बारीश का कहर जारी है। बारिश के कहर के बीच सीहोर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां बाढ़ के पानी में कार में सवार तहसीलदार नरेंद्र सिंह ठाकुर और पटवारी महेंद्र रजक बह गए है। श्री ठाकुर मध्य प्रदेश तहसीलदार संघ के अध्यक्ष है। दोनो के नदी में बहने की सूचना पर प्रशासनिक हलकों कोहराम मच गया। रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची और पटवारी और तहसीलदार की तलाश शुरू हुई। लेकिन रात में कुछ पता नहीं चला। जिसके बाद आज सुबह दोनो की तलाशी का कार्य फिर शुरू किया गया। तलाशी के दौरान घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर एक कार और एक शव बरामद हुआ है। बताया जा रहा है कि बरामद शव पटवारी महेंन्द्र रजक का है। वहीं तहसीलदार का अभी कुछ पता नही चल पाया है। प्रशासन लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।
बताया जा रहा है की सोमवार की रात को तहसीलदार और पटवारी घर से घूमने के लिए निकले थे। लेकिन दोनों घर वापस नहीं पहुंचे। इसके बाद दोनों के परिजनों ने दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने दोनों की तलाश शुरू कर दी। जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो दोनो का कुछ पता नहीं चला। तहसीलदार और पटवारी दोनो सीहोर के रहने वाले हैं। दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट परिजनों ने दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि हम उन्हें ढूंढ रहे हैं। ऐसे में अभी तक हमें ग्राम छापरी के पास कार व पटवारी महेंद्र रजक का शव मिला है। लेकिन तहसीलदार का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। वह अभी भी लापता है।

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