बिलासपुर। चिल्हाटी की 5 एकड़ शासकीय जमीन को बेचने के मामले में SDM ने तत्कालीन पटवारी कौशल यादव, आरआई निखिल झा और नायब तहसीलदार नारायण गैबल समेत पांच लोगों को नोटिस जारी किया है। इन सभी ने पहले जमीन को एक व्यक्ति के नाम पर चढ़ा दिया फिर 4 करोड रुपए में तीन लोगों को बेच दिया। इस मामले पटवारी और जमीन दलाल का एक आडियो भी वायरल हुआ था जिसमें तहसीलदार पर 20 लाख रुपए लेकर भी काम नहीं करने का आरोप लग रहा है।
पिछले दिनों चिल्हाटी में खसरा नंबर 317/8 की शासकीय जमीन को फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचे जाने का मामला सामने आया था। जमीन दलालों ने पटवारी, आरआई के साथ मिलकर इसके फर्जी दस्तावेज तैयार किए और इसे बलदाउ सिंह के नाम पर चढ़ा दिया। बाद में बलदाउ ने इस पांच एकड़ जमीन को तीन लोगों को बेच दिया। इसमें से जयराम नगर निवासी उत्तम कुमार को ढाई एकड़, बुधवारी बाजार बिलासपुर निवासी विपुल सुभाष नागोसे को एक एकड़ 99 डिसमिल और जांजगीर के कुमार दास मानिकपुरी को 51 डिसमिल जमीन बेची गई। जमीन को बेचने में एक विवादित पटवारी कौशल यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाया था। इस शासकीय जमीन को बेचने के लिए करीब 5 करोड़ रुपए में सौदा किया गया। इसमें से 4 करोड़ रुपए में जमीन की रजिस्ट्री की गई जबकि एक करोड़ रुपए पटवारी से लेकर तहसीलदार को चढ़ावा दिया गया। हालांकि बाद में हंगामा मचने और आपत्ति आने पर तात्कालीन तहसीलदार नारायण गबेल ने नामांतरण रोक दिया। मूल रिकार्ड का अवलोकन करने पर पाया गया कि पूरी जमीन निस्तार पत्रक में दर्ज है। इसके बाद तहसीलदार रमेश मोर ने जमीन मालिक बलदाउ सिंह से सभी दस्तावेज जमा करने के लिए कहा और जानकारी मांगी की आखिर यह जमीन उसके नाम पर चढ़ी कैसे। लेकिन बलदाउ सिंह इसकी जानकारी और दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद तहसीलदार मोर ने भी नामांतरण खारिज कर दिया है। इस पूरे मामले में पटवारी कौशल यादव और आरआई निखिल झा की भूमिका बेहद संदिग्ध है। जमीन रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए पटवारी प्रतिवेदन मांगा गया तो पटवारी कौशल यादव ने लिखकर दिया कि यह जमीन बलदाउ सिंह के नाम पर दर्ज है। साथ ही इसे आनलाइन चढ़ाते हुए डीएससी भी कर दिया बाद में आरआई निखिल झा ने भी सीमांकन किया और सबकुछ सही होने का रिपोर्ट पेश कर दिया। हालांकि तहसीलदार की जांच में गड़बड़ी का खुलासा हुआ तो नामांतरण नहीं किया गया। मामला सामने आने पर तत्कालीन कलेक्टर सारंस मित्तर ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में पटवारी, आरआई, नायब तहसीलदार, जमीन के क्रेता और विक्रेता समेत सभी लोगो का बयान लिया गया है। अब वायरल आडियो के आधार पर SDM ने पटवारी, आरआई, नायब तहसीलदार के अलावा जमीन दलाल मनीष उभरानी को नोटिस जारी कर तलब किया है। पटवारी और जमीन दलाल के बीच बातचीत का आडियो वायरल हो रहा है, जिसमें तहसीलदार पर 20 लाख रुपए, आरआई पर 10 लाख लेने की बात स्पष्ट सुनाई दे रही है। ऑडियो में पटवारी खुद अपना हिस्से मिल जाने की बात भी स्वीकार कर रहा है। SDM तुलाराम भारद्वाज का कहना है कि वायरल आडियो के आधार पर नोटिस जारी किया गया है। सभी पक्षकारों का बयान लिया जाएगा, इसके बाद ही आगे के निर्णय पर अधिकारियों से बात करने कदम उठाया जाएगा।
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