शिवरीनारायण। छत्तीसगढ़ निषाद (केंवट) समाज के प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों के चुनाव के पश्चात् 10 जुलाई 2022 को रायपुर के इनडोर स्टेडियम में समाज के प्रांतीय संगठन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के भव्य व ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा गरिमामय वातावरण में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को विधिवत शपथ ग्रहण कराया गया था। उसके बाद प्रदेश संगठन की प्रथम तिमाही बैठक 16 अक्टूबर को होने जा रही है।
जिसमें प्रदेश संगठन द्वारा जिला अध्यक्षों को दिए निर्देशानुसार जिले के अध्यक्षों के द्वारा अपने अपने जिले के कर्मठ सक्रिय एवं योग्य 5-5 महिला एवं युवा सदस्यों के नाम का अनुशंसा पत्र प्रदेश संगठन को को भेजना है और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करना है जिसके आधार पर प्रदेश में महिला एवं युवा प्रकोष्ठ के गठन सहित अन्य प्रकोष्ठ चुनाव/गठन किया जाना है।
निषाद समाज की इस प्रथम तिमाही बैठक हेतु प्रदेश महासचिव द्वारा 11 अक्टूबर को जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि महिला व युवा टीम की उपस्थिति कम होने के उपरांत भी गठन कार्यवाही को प्रदेश संगठन के पुर्व युवा प्रभारी एवं केंद्रीय समिति शिवरीनारायण के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. शांति कुमार कैवर्त्य ने उचित नहीं माना। डॉक्टर के वर्तनी प्रदेश संगठन द्वारा 288 2022 के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि इस पत्र के आधार पर प्रदेश के पूरे जिलों के पदाधिकारियों का निर्वाचन या गठन नहीं हुआ है इसलिए प्रदेश स्तरीय प्रकोष्ठ का गठन में अन्य जिलों की भागीदारी नहीं हो पाएगी इसे दृष्टिगत रखते हुए उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष कुंवर सिंह निषाद एवं वरिष्ठ संरक्षक एम आर निषाद से आग्रह किया है कि जिन जिलों में जिला पदाधिकारियों का चुनाव/गठन नहीं हुआ है पहले वहां विधिवत चुनाव करने के पश्चात चुने हुए इन अध्यक्षों से भी उनके जिले से कर्मठ सक्रिय और योग्य 5-5 महिला और युवा सदस्यों के नामों की अनुशंसा आमंत्रित करने के बाद ही प्रदेश स्तर के प्रकोष्ठों के गठन किया जाए। क्योंकि प्रदेश संगठन द्वारा पूर्व में जारी पत्र क्रमांक 06/22 दिनांक 28.08.2022 के तहत प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य/ संरक्षक/ एवं सलाहकार मंडल की सूची के नामों से कुछ जिलों के सदस्यों के नाम पर आपत्तियां भी हुई थी। जैसे जिला शिवरीनारायण, जिला जांजगीर-चांपा, जिला बलोदा बाजार-भाटापारा आदि के माननीय अध्यक्षों द्वारा भेजे उनके लेटर पैड के नामों पर काफी टीका टिप्पणियां हुई थी। जिसमें प्रत्यक्ष/ अप्रत्यक्ष तौर पर श्री गोपाल केवट जी, और श्री नारायण केवट जी के नामों पर आपत्ती व टीका-टिप्पणी होती रही। और इन जिलों के अध्यक्ष/ पदाधिकारी व जिले की गठन को लेकर भी काफी गहमागहमी रही है।
ऐसी पुन: स्थिति निर्मित न हो इसे दृष्टिगत रखते हुए डॉ.शांति कुमार कैवर्त्य रजत संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों से प्रदेश स्तरीय प्रकोष्ठ के चुनाव/ गठन विधिवत विधिवत कराने हेतु अनुरोध किया है।
*मछुआ आरक्षण एवं मछुआ समाज हितार्थ नई मछुआ पालन नीति लागू करने हेतु मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखने का आग्रह किया: डॉ. शांति कुमार*
निषाद समाज के प्रदेश पदाधिकारियों के ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात होने वाली इस प्रथम तिमाही बैठक में समाज हितार्थ पूर्व में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा घोषित मछुआ समाज के आरक्षण और नई मछली पालन नीति में मछुआ से तात्पर्य मछुआ समाज के समस्त जातियां प्रतिस्थापित कर समाज हितार्थ आवश्यक संशोधन के साथ राज्य सरकार की नई मछली पालन नीति को हर हाल में 01 नवंबर 2022 छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस तक लागू करने का प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समक्ष यह प्रस्ताव रखने व 1 नवंबर 2022 तक मुख्यमंत्री यदि मछुआ समाज हितार्थ इसे लागू नहीं करेंगे तो मछुआ निषाद समाज के द्वारा भूपेश की कांग्रेस सरकार और कांग्रेस पार्टी का बहिष्कार कर आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का निर्णय पारित कराने तथा का निवेदन आगामी 21 नवंबर 2022 को विश्व मछुआ दिवस से भूपेश सरकार अपना वादा निभाओ या सत्ता छोड़ो जैसे महा अभियान छेड़ने की रणनीति बनाकर इस प्रथम तिमाही बैठक को ऐतिहासिक बनाए जाने का आग्रह किया है।
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