रायपुर। प्रदेश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ED को पत्र लिखकर नान घोटाला और चिटफंड घोटाले की जांच करने की मांग की है। उन्होंने ED को 15 दिन का समय दिया है। इस बीच जांच शुरू नहीं होने की स्थिति न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
मंगलवार को राजीव भवन के बाहर पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि कोई भी राजनीतिक दल का हो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मैंने ED को आज पत्र लिखा है जिसमे नान घोटाले और चिटफंड घोटाले की जांच करने की मांग की है। पत्र में खा गया है की साल 2009 से 2017 के बीच तत्कालीन सरकार ने प्रदेश के हर जिले में चिटफंड कंपनियों के लिए रोजगार मेला लगाया। जिला रोजगार अधिकारियों ने बकायदा इसका निमंत्रण दिया गया। इन रोजगार मेलों में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, उनकी पत्नी वीणा सिंह, उनके पुत्र अभिषेक सिंह, भाजपा सरकार के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मुख्य अतिथि और अध्यक्ष बनकर शामिल हुए और कार्यालयों के फीता काटते रहे। इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने इन कंपनियों में निवेश किया।
साल 2010 से 2016 के बीच चिटफंड कंपनियों में लूट की शिकायतें मिलने लगी थी। कुछ कंपनियों पर कार्यवाही हुई, उनके कार्यालय सील किये गये। लेकिन बाद में राजनीतिक संरक्षण की वजह से कार्यालय फिर से खोल दिये गये। इस बीच SEBI ने चिटफंड कंपनियों के कामकाज को अवैध घोषित कर दिया था, लेकिन छत्तीसगढ़ में उनका धंधा चलता रहा। इस बीच 161 कंपनियों पर 310 से अधिक एफआईआर दर्ज हुई। धोखाधड़ी की वजह से 57 एजेंटों ने आत्महत्या कर ली, कई लोगों की हत्या हो गई।
लेकिन सरकार ने इन कंपनियों से कोई वसूली नहीं की। इस मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ भी एफआईआर हुई है। न्यायालय के आदेश पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह के खिलाफ भी एफआईआर हुई है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है, चिटफंड के काल में ही डॉ. रमन सिंह और उनके बेटे अभिषेक सिंह की संपत्ति बिना किसी व्यवसाय के बढ़ती रही। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि अगर इस मामले की शीघ्र जांच नहीं की गई तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ED को लिखे दूसरे पत्र ने नान घोटाले की जांच करने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा है 2004 से 2015 के बीच हुए इस घोटाले में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कहने पर एसीबी के अधिकारियों ने आरोपियों को बचा लिया। आरोपियों के पास मिले दस्तावेजों में सीएम सर और सीएम मैडम को पैसा देने की बात दर्ज है, लेकिन उसको चार्जशीट में शामिल तक नहीं किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है की अगर इस पत्र के 15 दिन बाद भी प्रवर्तन निदेशालय-ED ने जांच शुरू नहीं की तो न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।
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