जांजगीर। स्कूल शिक्षा विभाग ने फर्जी नियुक्ति के माममे में बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 लोगों की नियुक्ति निरस्त कर दी है। पूरा मामला शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त स्कूल सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोधना का है। इस मामले तत्कालीन DEO पहले ही निलंबित हो चुके है।
स्कूल शिक्षा विभाग में कोरोनाकाल के दौरान मनमानी भर्ती करने का मामला सामने आया है। जांजगीर-चांपा के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के एस तोमर और उनके मातहत कर्मचारियों ने मिलकर अपने बेटे-बेटियों, भाई, साला और भतीजों को मनमानी नौकरियां बांटी थीं। डीईओ कार्यालय से जुड़े कर्मियों के रिश्तेदारों को भृत्य और शिक्षक की नौकरी दी थी। दिलचस्प बात यह है कि इन नियुक्तियों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग से अनुमति भी नहीं ली। इस मामले में जांच के बाद पता चला है कि आठ नौकरियां नियमों के विरुद्ध हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त करने और संबंधितों को दिए गए वेतन की वसूली करने के निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग ने दिए है।
इस मामले में नियोक्ता और तत्कालीन डीईओ केएस तोमर को राज्य शासन ने पहले ही निलंबित कर दिया था। अब उनकी ओर से बांटी गई नौकरियांं गलत पाए जाने पर निरस्त की गई हैं। बाकी अभी जांच जारी है। बताया जाता है कि पूरे प्रकरण में एक गिरोह काम कर रहा था जो कि एक साथ मिलकर इतनी बड़ी गड़बड़ी की है। फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग ने केवल डीईओ पर ही कार्रवाई की है।
अप्रैल 2021 में जांजगीर-चांपा के डीईओ तोमर और उनके महकमे ने मिलकर शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त संस्था सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोधना में नियुक्तियां की थीं। मई से जुलाई 2021 तक आठ कर्मियों को सैलरी भी दी। बाद में शिकायत हुई कि अफसरों ने अपने रिश्तेदारों को नौकरी दी है। मामले की प्रथम दृष्टया जांच के बाद डीईओ तोमर को निलंबित किया गया। कर्मियों से विभाग ने चार लाख 68 हजार 966 रुपये वसूली करने के लिए निर्देश जारी किया है।
इन नियमों का उल्लंघन
सरकारी नियमों में शर्त है कि यदि परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है तो उस परिवार के सदस्यों को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिल सकती। इस प्रकरण की जांच में पता चला कि तोमर ने कोरोनाकाल में सरकारी कर्मियों के निधन के बाद भूपेश सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति के सरलीकरण के आदेश का फायदा उठाया और सरकार की मंशा के विपरीत जाकर नियुक्तियां दीं।
00 इन्हें मिली थी नियम विरुद्ध नौकरी
कर्मचारी निकटतम रिश्तेदार रिश्ता
प्रभा यादव, पिता रामकृष्ण यादव, क्लर्क डीईओ कार्यालय
मनोज प्रताप पिता केएस तोमर, डीईओ
श्रीपति तिवारी पिता प्रदीप तिवारी, प्राचार्य, सरस्वती शाउमावि गोधना
विवेक तंबोली साला मनहरण लाल, क्लर्क डीईओ कार्यालय
अमित शर्मा भाई, आनंद शर्मा सरस्वती शाउमावि गोधना
राघुवेंद्र सिंह, पिता केके सिंह, अध्यक्ष सरस्वती शाउमावि गोधना पिता
रोमेश शर्मा, चाचा प्रदीप शर्मा, एपीसी जांजगीर-चांपा चाचा
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