न्यूज डेस्क। अतीक अहमद और उसके भाई की मौत, पुलिस कस्टडी में हमला कर हत्या
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। यूपी पुलिस दोनों को मेडिकल के लिए ले जा रही थी, इसी दौरान उन पर हमला हुआ है। जिसमें दोनों की मौत हो गई।
हत्या से ठीक पहले दोनों मीडिया से बात कर रहे थे। इसी दौरान तीन आरोपियों ने दोनों पर ताबड़तोड़ गोली चलाई और गोलीबारी के बाद धार्मिक नारे भी लगाए। तीनों युवकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस हमले के दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल भी घायल हुआ है।
अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीजीपी और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) को तलब किया है। अधिकारियों को सीएम आवास 5 कालिदास मार्ग बुलाया गया है। हत्या के बाद यूपी पुलिस की STF घटनास्थल पर पहुंची है।
अतीक और उसके भाई की हत्या तब हुई, जब दो दिन पहले ही उसके बेटे की झांसी में एक एनकाउंटर के दौरान मौत हुई थी। यूपी पुलिस ने दावा किया था कि झांसी में असद और उसके सहयोगी गुलाम को एनकाउंटर में मार दिया गया।
उमेश पाल हत्याकांड की जांच में जुटी यूपी पुलिस अतीक अहमद और उसके भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। प्रयागराज पुलिस दोनों को कौशांबी के पुरामुफ्ती थाने लेकर गई थी। उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा हुई थी। 28 मार्च को कोर्ट ने उसके भाई अशरफ अहमद सहित सात आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया था।
13 अप्रैल को उमेश पाल हत्याकांड केस में कोर्ट में उसे पेश किया गया था। साथ ही उसके भाई खालिद आजिम उर्फ अशरफ की भी पेशी थी। मर्डर केस में अशरफ सहित अतीक के परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं। अतीक और अशरफ को 26 अप्रैल तक प्रयागराज की नैनी जेल में रखा जाना था। 14 दिन की रिमांड खत्म होने के बाद अशरफ को बरेली जेल में और अतीक को साबरमती जेल में सुरक्षित पहुंचाया जाना था।
जानकारी के मुताबिक हत्यारों में शामिल युवकों के नाम लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्य है। तीनों आरोपियों के पास न्यूज चैनल की फर्जी माइक और डमी कैमरा था। तीनो पत्रकार बनकर आए थे।
घटना के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यायिक जांच का आदेश दिया है। हत्या के बाद योगी आदित्यनाथ राज्य के पुलिस अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। बैठक के बाद सीएम ने तीन सदस्य ज्यूडिशियल कमिशन (न्यायिक जांच आयोग) के गठन के निर्देश भी दिए हैं।
अतीक और अशरफ की हत्या के आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इस दौरान पता चला है कि तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास है। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि वो बड़ा माफिया बनना चाहते हैं, इसलिए वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों का कहना है कि आखिर कब तक वो छोटे मोटे शूटर बने रहेंगे, बड़ा माफिया बनने के लिए वारदात को अंजाम दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अभी इन तीनों के बयानों पर भरोसा नहीं कर रही है। तीनों के बयानों में विरोधाभास है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी लवलेश तिवारी बांदा का रहने वाला है जबकि अरुण मौर्य हमीरपुर का निवासी है। तीसरा आरोपी सनी कासगंज से है। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना यही पता बताया है। पुलिस इनके बयानों को वेरिफाई कर रही है।
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