दो दर्जन गिट्टी खदानों पर खनिज विभाग की कार्रवाई, 11 लाख 13 हजार रुपए का ठोंका जुर्माना

बिलासपुर। खनिज विभाग ने मस्तूरी और जयराम नगर के दो दर्जन से अधिक गिट्टी खदानों पर 11 लाख 13 हजार रुपए से अधिक का जुर्माना ठोंका है। बताया जा रहा है खदान स्वीकृत कराने के बाद भी संचालक उत्खनन नही कर रहे थे। जिससे सरकार को राजस्व की क्षति हो रही थी।

वित्तीय वर्ष समाप्ति पर है ऐसे में सरकार को राजस्व की चिंता सताने लगी है। यही कारण है कि जिन विभागों पर राजस्व वसूलने के दबाव रहता है उन विभागों के अधिकाई सक्रिय हो गए है। खनिज विभाग ने पिछले दिनों कोल डिपो पर करवाई किया था अब गिट्टी खदानों के खिलाफ करवाई की जा रही है। खनिज विभाग ने मस्तूरी और जयराम नगर के दो दर्जन से अधिक गिट्टी खदान शामिल है। विभाग के अधिकारियों ने मस्तूरी की 8 खदानों पर जुर्माना किया है जिसमे संजय अग्रवाल की दो खदानों पर 1 लाख 20 हजार रुपए, दौलत विधानी की की 3 पर 1 लाख 80 हजार रुपए, कौशल सिंग के खदान पर 60 हजार रुपए शामिल है। इसी तरह जयराम नगर के 8 खदानों पर 5 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना किया गया। जिसमें भगवानदास विधानी के दो खदान से 60 हजार रुपए, कपिलेन्द्र शर्मा के दो खदान पर 60 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा विमल सिंह, त्रिलोक शर्मा, तुलाराम शर्मा, वीरेंद्र प्रताप मिश्रा और अजय शर्मा के एक-एक खदान पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है। खनिज विभाग की करवाई में मोहतरा की चार खदाने शामिल है। जिसमे परमानन्द विधानी के एक खदान पर 78 हजार 5 सौ रुपए का जुर्माना किया गया है। कन्हैया मिनरल्स की दो खदान पर 1 लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है। मोहतरा में सुबीर मल्होत्रा की दो खदानों पर 90 लाख रुपए का जुर्माना किया गया है। बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से खदान संचालकों को लगातार नोटिस जारी कर खदान में उत्खनन के लिए कहा जा रहा था लेकिन संचालक उत्खनन शुरू नही कर सके। हालांकि सूत्रों की माने तो कुछ खदान संचालक लगातार उत्खनन करके गिट्टी बेच रहे थे लेकिन वो रायल्टी देने के लिए तैयार नहीं है। जानकारों की माने तो ऐसे खदान संचालक खनिज विभाग को लगातार गुमराह कर रहे है रायल्टी चोरी करके अपनी तिजोरी भर रहे है। जिला खनिज अधिकारी दिनेश मिश्रा का कहना है कि खदान संचालकों को उत्खनन करने के लिए कहा जा रहा था लेकिन वो उत्खनन नही कर रहे थे। जिससे सरकार को राजस्व की क्षति हो रही थी।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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