आदिवासी विकास विभाग का सहायक आयुक्त निलंबित, नियम विरुद्ध 40 कर्मचारियों को नियमित करने का है आरोप

अपात्र कर्मियों को नियम विरुद्ध नियमित करने के चलते सहायक आयुक्त को किया गया निलंबित, पहले भी भर्ती में गड़बड़ी के चलते हो चुके हैं निलंबित

रायगढ़। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग अविनाश श्रीवास को निलंबित कर दिया गया। उनके ऊपर रायगढ़ में पदस्थ रहते हुए 40 कर्मचारियों की भर्ती व पदोन्नति में गड़बड़ी करने का आरोप है। निलंबन आदेश आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने जारी किए हैं।
रायगढ़ जिले के आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत संचालित छात्रावास में काम करने वाले दैनिक वेतन भोगी रसोईया, सफाई कर्मी, भृत्य, माली आदि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के नियमितीकरण में धांधली करने की बात सामने आई थी। 2012-13 में आदिवासी विकास विभाग के छात्रावास, आश्रम, दफ्तर में 450 से अधिक भर्तियां हुई थी। सभी लोगों ने ड्यूटी जॉइन कर ली। दस्तावेजों के परीक्षण के दौरान 246 लोगों की अंकसूची समेत अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए थे। इसकी जांच व सत्यापन के लिए फाइल जिला शिक्षा विभाग को भेजी गई थी। जांच में 2 लोगों पर एफआईआर में हुई थी। पर बाकी लोगों पर ना तो कार्यवाही हुई ना ही उनकी नियुक्ति निरस्त की गई। जांच के नाम पर बाकी लोगों की फाइल अफसरों ने दबा दी।
जांच के नाम से लंबे समय से कार्यवाही नही हुई। फिर लंबे समय से कार्य करने के चलते उन अनियमित कर्मचारियों ने नियमित करने हेतु दावा ठोंक दिया। सहायक आयुक्त अविनाश श्रीवास ने बिना दस्तावेजों का सत्यापन करवाये बोगस दस्तावेज जमाकर नियुक्त हुए कई लोगों को नियमित कर दिया। जबकि दस्तावेजों का शिक्षा विभाग से सत्यापन के बिना नियुक्ति नही होनी थी,यह प्रक्रिया का हिस्सा था। मामलें की शिकायत आदिम जाति विभाग की सहायक आयुक्त शम्मी आबिदी तक पहुँची थी। इसकी उन्होंने जांच करवाई और जांच में नियमों के विपरीत प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए अनियमित कर्मचारियों को नियमित करना पाया गया। जिसके चलते आदिवासी विकास विभाग के सहायक संचालक अविनाश श्रीवास (वर्तमान प्रभारी सहायक आयुक्त रायगढ़) को निलंबित कर कार्यालय आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित विकास नया रायपुर अटल नगर में अटैच किया गया है।
बताया जाता है कि इसमें शिक्षा विभाग के अफसरों की भी मिलीभगत है। आदिम जाति विभाग से भेजे गए दस्तावेजों का सत्यापन शिक्षा विभाग ने सालों तक नहीं किया ना ही विभाग को इसकी फाइल लौटाई और ना कोई कार्यवाही की। 2 साल पहले भी जब आदिम जाति विभाग ने नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की तब भी कोई आपत्ति दर्ज नहीं की गई। जिसके चलते उनकी भी शिकायत की गई है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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