शिक्षा विभाग में ट्रांसफर घोटाला : 778 शिक्षकों का बैंक अकाउंट खोल सकता है राज

बिलासपुर। शिक्षा विभाग में प्रमोशन और ट्रांसफर घोटाले की जांच में शिक्षकों का बैंक अकाउंट कारगर हथियार साबित हो सकता है। विशेषकर उन 778 शिक्षकों के जिनका संशोधित आदेश जारी किया गया है। क्योंकि कोई भी शिक्षक दो, ढाई या तीन लाख रुपए कैश नहीं रखता। लिहाजा जांच में इसको जरूर शामिल करना चाहिए।
शिक्षा विभाग में ट्रांसफर घोटाले की जांच करने की जिम्मेदारी संभागायुक भीम सिंह को दिया गया है। संभागायुक्त जांच का दायरा क्या तय करेंगे यह तो अभी सामने नई आया है। लेकिन जब तक उन 778 शिक्षकों की बैंक अकाउंट की जांच नही की जाएगी जिनके ट्रांसफर आदेश संशोधित किए गए है तब तक जांच को मुकाम तक नहीं पहुंचाया जा सकता। इस पूरे घोटाले में प्रत्येक शिक्षकों से दो, ढाई और तीन लाख लिए जाने की बात सामने आ रही है, इतनी रकम देना किसी भी शिक्षक के लिए आसान काम नही है। क्योंकि कोई भी शिक्षक इतनी बड़ी राशि कैश में अपने पास नहीं रखता। मतलब स्पष्ट है की शिक्षक रिश्वत देने के लिए पैसा बैंक के अकाउंट से ही निकालकर दिया होगा। यदि जांच में शिक्षकों की बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट बैंक से तलब कर लिए जाएं तो घोटाले का फर्दाफास हो आसानी से हो सकता है। इसके लिए केवल दो महीने का ही बैंक स्टेटमेंट मांगा जा सकता है।
गौरतलब है की हाईकोर्ट से हरी झंडी मिलते ही बिलासपुर संभाग के 4600 शिक्षकों को पदोन्नति देने के लिए 28 अप्रैल से काउंसिलिंग शुरू की गई थी। इसमें 2460 ई संवर्ग के शिक्षक और 999 टी संवर्ग के शिक्षकों ने काउंसिलिंग में भाग लिया। 28 अप्रैल से 4 मई तक बर्जेस हिंदी माध्यम स्कूल में टी संवर्ग और 28 अप्रैल से 12 मई तक संयुक्त संचालक कार्यालय तारबाहर में ई संवर्ग के शिक्षकों की पदोन्नति के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया चली। इसके बाद ट्रांसफर आदेश निकला गया। शिक्षकों से सौदा होते ही 13 मई से संसोधन का ख्ोल शुरू हो गया और 778 शिक्षकों से लेनदेन कर दोबारा संशोधित आदेश निकालकर उन्हें बिलासपुर और शहर के आसपास के स्कूलों में ज्वाईन करा दिया गया।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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