SI भर्ती : गर्भवती महिला ने फिजिकल टेस्ट देने में जताई असमर्थता, हाईकोर्ट ने सरकार से कहा एक पद खाली रखें

बिलासपुर। SI की भर्ती में हाईकोर्ट ने सरकार को एक पद खाली रखने के लिए कहा है। एक महिला ने गर्भवती होने के कारण हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। याचिका पर अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।
मिली जानकारी के अनुसार रोशनी केरकेट्टा ने अपने वकील शाल्विक तिवारी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत की है। याचिका कहा गया है आवेदन करते समय वो अविवाहित थी। जब भर्ती प्रक्रिया चल रही थी इसी दौरान उसकी शादी हो गई और बाद में वह गर्भवती हो गई। वर्तमान में वह छह महीने की गर्भवती है और उसकी अपेक्षित डिलीवरी की तारीख नवंबर 2023 के आसपास है। अपनी स्थिति को देखते हुए रोशनी केरकेट्टा ने अधिकारियों से शारीरिक परीक्षण को बाद की तारीख के लिए स्थगित करने का औपचारिक अनुरोध किया था। लेकिन उसे सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद उसने 24 जुलाई 2023 को होने वाले शारीरिक मानक परीक्षण को छह महीने के लिए स्थगित करने की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में दो उल्लेखनीय कानूनी उदाहरणों का हवाला दिया। जिसमें कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की स्थितियों को देखते हुए शारीरिक मानक परीक्षण/शारीरिक दक्षता परीक्षा को स्थगित करने की अनुमति दी थी। जस्टिस पी सैम कोसी ने मामले की सुनवाई करते हुए भर्ती प्रक्रिया में एक पद रिक्त रखने के निर्देश सरकार को दिए है। इसके अलावा जस्टिस पी सैम कोशी की बेंच ने प्रतिवादियों को दो हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मामले को 21 अगस्त से शुरू होने वाले सप्ताह के दौरान आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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