रायगढ़। खरसिया रेलवे साइडिंग से कोयले में मिलावट करने का बड़ा मामला सामने आ रहा है। यहां पर ट्रेन के रैक में साबूत कोयले में डस्ट मिलाकर भेजा जा रहा है। साबूत कोयले में डस्ट मिलाकर यहां हर महीने करोड़ों रुपए का खेल किया जा रहा है। कोयले की मिलावटखोरी में ट्रांसपोर्टर, लोडर के अलावा रेलवे अधिकारियो की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। क्योंकि बिना मिलीभगत के रेलवे साइडिंग में मिलावट संभव नहीं है।
छाल माइंस से कुड़ेकेला के एक ट्रांसपोर्टर आशीष अग्रवाल ने बिलासपुर की पार्टी का 4000 मिट्रिक टन कोयला परिवहन किया था। इसे खरसिया रेलवे साइडिंग में लाकर उसने डंप किया गया है। यहां से रैक के जरिए इस कोयला को बिलासपुर भेजा जाना है। लेकिन कोयले को बिलासपुर भेजने के पहले ही खरसिया रेल साइडिंग में मिलावट का गोरखा धंधा शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि गुड्स साइडिंग में साबूत कोयले के अलावा चारकोल डस्ट भी डंप किया गया है। अब इस डस्ट को कोयले में मिलाकर रैक में लोड किया जा रहा है। मतलब साफ है रेलवे अधिकारियो की मिलीभगत से कोल माफिया बड़ा खेल खेल रहे है। यदि 4000 एमटी साबूत कोयले में 500 मिट्रिक टन डस्ट मिला दी गई तो कोल माफिया एक झटके में लाखों का वारा न्यारा कर लेंगे। क्योंकि 500 एमटी कोयले की कीमत लाखों में हो जाती है। बताया जा रहा है रेलवे साइडिंग में लोडिंग अनलोडिंग का काम एक कमल नामक व्यक्ति देख रहा है। कोयले में ये मिलावट ट्रांसपोर्टर आशीष अग्रवाल करा रहा है की लोडर कमल करा रहा है ? ये जांच का विषय हो सकता है। लेकिन रेलवे अधिकारियो की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता। क्योंकि बिना रेल अधिकारियों के मिलीभगत के रेलवे कोल साइडिंग में मिलावट का ये गोरखधंधा संभव नहीं है। बताया जा रहा है की रेलवे साइडिंग में मिलावट खोरी का धंधा लंबे समय से चल रहा है। साबूत कोयले डस्ट मिलाकर शेष बचे हुए सबूत कोयले को नंबर दो में स्टील प्लांट और पावर प्लांट को ऊंची कीमत में बेचा जाता है। बताया जा रहा है की छाल माइंस से डीओ उठाने का काम कुड़ेकेला का आशीष अग्रवाल लंबे समय से कर रहा है। इसी तरह रेलवे साइडिंग में कमल का लंबे समय से कब्जा है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरMay 8, 2026पुलिस की शिकायत निवारण शिविर : आए जमीन की दर्जनों शिकायतें, कटघरे में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली
शिवरीनारायणMay 8, 2026संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में शामिल हुए गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष, राजेश्री महन्त ने कहा – न जायते म्रियते वा कदाचि, न्नायं भूत्वा भविता वा न भूय
बिलासपुरMay 7, 2026मंत्रालय में नौकरी लगाने के नाम पर 23 लाख रुपए की ठगी, फर्जी नियुक्तिपत्र भी दिया, कैसे खुली पोल…, पढ़े खबर…
बिलासपुरMay 6, 2026पत्नी को खार लेकर गया और जबरदस्ती चूहामार दवा खिला दिया, चरित्र पर करता था संदेह
