नई दिल्ली। चुनाव आयोग (ECI) ने प्रचार के दौरान की गई विवादास्पद टिप्पणियों के लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को नोटिस जारी किया है। अकबर ने कवर्धा में खा था की एक अकबर आता है तो वह सौ अकबर को बुला लेता है। इसी तरह प्रियंका गांधी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आमसभा में टिप्पणी की थी। आयोग ने दोनो से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।
रिपोर्ट्स में सरमा के हवाले से कहा गया है कि श्री सरमा ने छत्तीसगढ़ के कवर्धा विधायक और भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में एकमात्र मुस्लिम मंत्री मोहम्मद अकबर के खिलाफ विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक सभा में किया था। इस सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था की अगर एक अकबर कहीं आता है, तो वह 100 और अकबरों को बुला लेता है, तो यह बात मत भूलिए और जितनी जल्दी हो सके इसे विदा करो, नहीं तो माता कौशल्या की भूमि अपवित्र हो जायेगी। इस बयान को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस ने 19 नवंबर को चुनाव आयोग में इसकी शिकायत की थी। दूसरी ओर प्रियंका गांधी को जारी नोटिस 20 अक्टूबर को राजस्थान के दौसा में एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री के बारे में गंभीर टिप्पणी की थी। अपने भाषण में गांधी ने कहा था कि उन्होंने मोदी को राजस्थान के देवनारायण मंदिर में दान करते देखा था, लेकिन जब लिफाफा खोला गया तो उसमें 21 रुपये थे। उन्होंने कहा ”देश में भी यही हो रहा है, बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जाती हैं… लिफाफे दिखाए जाते हैं लेकिन जब चुनाव खत्म हो जाते हैं तो कोई काम नहीं होता। सरमा और गांधी को नोटिस का जवाब देने के लिए 30 अक्टूबर शाम 5 बजे तक का समय दिया गया है। जहां छत्तीसगढ़ में अपनी 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में 7 और 17 नवंबर को मतदान होगा जबकि राजस्थान में सभी 200 सीटों के लिए 25 नवंबर को मतदान होगा।
00 नोटिस में क्या कहा गया है
चुनाव आयोग के नोटिस के अनुसार सरमा का भाषण “प्रथम दृष्टया” आदर्श आचार संहिता के भाग I ‘सामान्य आचरण’ के खंड 1 और 2 का उल्लंघन पाया गया था। जबकि खंड 1 विभिन्न जातियों और समुदायों, धर्म या भाषा के बीच तनाव पैदा करने वाली टिप्पणियों पर रोक लगाता है। खंड 2 का उद्देश्य किसी नेता के निजी जीवन पर हमलों को रोकना है। गांधी को दिए गए नोटिस में कहा गया है कि उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में गलत बयान देने का आरोप लगाया गया है और इसे प्रथम दृष्टया आदर्श आचार संहिता के भाग I के खंड 2 और 3 का उल्लंघन पाया गया है। खंड 3 वोट हासिल करने के लिए जाति या सांप्रदायिक भावनाओं की किसी भी अपील पर प्रतिबंध लगाता है। नोटिस में लिखा है, यह आरोप लगाया गया है कि आपने प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत धार्मिक भक्ति का आह्वान किया है। इसके अलावा, यह कहा गया है कि किसी व्यक्ति और देवता के बीच का संबंध सार्वजनिक जांच का विषय नहीं हो सकता है और आप जनता के सामान्य अनुमान में भक्त को कमतर आंकते हैं।
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