झीरम घाटी हत्याकांड को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : NIA की अपील खारिज, छत्तीसगढ़ पुलिस करेगी अब जांच

दिल्ली/रायपुर। झीरम घाटी हत्या कांड पर चल रही सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने NIA की अपील को ख़ारिज कर दिया है। अपील खारिज़ होने के बाद अब छत्तीसगढ़ पुलिस झीरम घाटी कांड की जांच करेगी। 25 मई साल 2013 में झीरम घाटी में चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के काफिले पर माओवादियों ने हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के 30 नेताओं की मौत हुई थी। घटना के बाद एनआईए को जांच का जिम्मा मिला था। 2020 में जितेंद्र मुदलियार ने षडयंत्र की जांच के लिए एफआईआर दर्ज कराई थी। बीजेपी नेता धरमलाल कौशिक ने कहा था कि जब एनआईए की जांच चल रही है तो पुलिस जांच की क्या जरूरत है।
छत्तीसगढ़ सरकार के एडवोकेट सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि SC की चीफ जस्टिस बेंच ने सुनवाई के दौरान एनआईए की अपील को खारिज किया। एनआईए का कहना था कि पहले मामले की जांच हमने की, इस वजह से अब छत्तीसगढ़ पुलिस इस जांच को नहीं कर सकती। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता जितेंद्र मुदलियार का कहना था कि हत्याकांड के पीछे जो षडयंत्र था उसकी जांच जानबूझकर एनआईए ने नहीं की। सारे तथ्यों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपील को खारिज कर दिया. जिसके बाद ये साफ हो गया कि अब झीरम कांड की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस करेगी।
झीरम घाटी में कांग्रेस के 30 नेता हुए थे शहीद: 25 मई 2013 को सुकमा के झीरम घाटी में कांग्रेस का प्रचार काफिला गुजर रहा था। उस दौरान नक्सलियों ने उनपर ताबड़तोड़ गोलिया बरसाईं। माओवादियों के हमले में उस वक्त के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, बस्तर टाइगर के नाम से जाने जाने वाले महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 30 नेता शहीद हो गए थे। सुप्रीम कोर्ट के आज आए फैसले के बाद अब ये साफ हो गया है कि झीरम कांड की जांच छत्तीसगढ़ पुलिस करेगी।
झीरम कांड पर सुप्रीम फैसला: सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मामले पर सियासत भी तेज हो गई है। खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि, सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला छत्तीसगढ़ के लिए न्याया का दरवाजा खोलने जैसा है। दुनिया के लोकतंत्र का सबसे बड़ा राजनीतिक हत्याकांड था। बघेल ने कहा कि हमने अपने दिग्गज नेताओं सहित 32 लोगों को खोया। एनआईए ने इसकी जांच की एक आयोग ने भी जांच की पर इसके पीछे जो राजनीतिक षडयंत्र था उसकी जांच किसी ने नहीं की। सीएम ने ट्वीट में कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने जांच शुरु की तो एनआईए ने जांच रोकने के लिए अदालत का रुख किया। आज रास्ता साफ हो गया है। अब छत्तीसगढ़ पुलिस इसकी जांच करेगी, सब साफ हो जाएगा।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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