रावलमल जैन दंपत्ति हत्याकांड, फांसी की सजा को हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास में बदला, सह आरोपी दोषमुक्त, बेटे ने की थी हत्या

दुर्ग। बहुचर्चित रावल मल जैन दंपती हत्याकांड के मुख्य आरोपी को दी गई फांसी की सजा को हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास में बदल दिया है। यही नहीं सह अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया है। हत्याकांड में मुख्य आरोपी जैन दंपत्ति का बेटा संदीप जैन ही है। मामले में दुर्ग के सत्र न्यायालय ने फांसी की सजा दी थी।

एक जनवरी 2018 को दुर्ग के गंजपारा निवासी संदीप जैन ने अपने पिता रावल मल जैन और मां सुरजा बाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने जैन दंपती की हत्या के आरोपी बेटे संदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने बताया था कि उसके पिता रावल मल जैन पुरानी रूढ़ीवादी विचारधारा के थे। उनको उसके महिला मित्रों से मिलना पसंद नहीं था। वे कई बार उसे अपनी संपत्ति से बेदखल करने की धमकी भी दे चुके थे। इससे व्यथित होकर उसने अपने पिता को मारने की साजिश रची थी।
संदीप ने पिता की हत्या करने के लिए एक देसी पिस्टल और कारतूस खरीदा था। देसी पिस्टल और कारतूस कालीबाड़ी दुर्ग निवासी भगत सिंह गुरूदत्ता और गुरूनानक नगर दुर्ग निवासी शैलेंद्र सागर ने बेचा था।
इस मामले की सुनवाई करते हुए दुर्ग जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी संदीप जैन को फांसी की सजा दी थी और दोनों सह-आरोपियों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ संदीप के वकील ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अपील किया था। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मुख्य अभियुक्त संदीप जैन की फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया है साथ ही मामले के सह अभियुक्त शैलेंद्र और गुरु दत्ता को दोषमुक्त कर दिया है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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