बिलासपुर। किसी जिले का कलेक्टर यदि पैसे की मांग करने लगे या अपने दोस्त का पुराना फर्नीचर बेचने लगे तो इसे क्या कहेंगे ? लेकिन अपने जिले का कलेक्टर खुलेआम पैसा मांग रहे है, लोगो से अपने दोस्त का फर्नीचर खरीदने के लिए कह रहे है। आखिर कलेक्टर ऐसा क्यों कर रहे है ? क्या मजबूरी आ गई जो लोगों से वो पैसे की मांग कर रहे है ? इसे जानने के लिए खबर को आगे पढ़े…।
दरअसल सोसल मीडिया के इस युग में किसी की भी फर्जी ID बनाकर लोगों से ठगी किया जा सकता है। अभी तक कई नामी गिरामी हस्तियों के फर्जी फेसबुक ID बन चुके है। कई लोग ठगी के शिकार भी हो चुके है। इस बार फर्जी ID बना है बिलासपुर के कलेक्टर अवनीश शरण की। किसी ने उनका फोटो उपयोग करते हुए उनके नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाया है। फेसबुक बनाने के बाद सैकड़ों लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा है और रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करते ही मैसेंजर में चेटिंग शुरू कार्य है। कुछ देर चेटिंग करने के अब वह असली मुद्दे पर आता है और अपने एक दोस्त आशीष कुमार का जिक्र करते हुए बताता है कि वह CRPF में है और उसका ट्रांसफर हो गया है। वह अपने घर का फर्नीचर बेचना चाहता है। सभी फर्नीचर एकदम नए है और बहुत सस्ते में दे रहे है। आप वो फर्नीचर खरीद लें। कुछ लोगों को वो सीधे पैसे की मदद करने की गुहार भी लगा रहे है। फर्जी आईडी से बिलासपुर शहर के भी कुछ लोगों को रिक्वेस्ट आया है। उनसे भी फर्नीचर खरीदने के लिए रिक्वेस्ट कर रहे है। हालांकि चैटिंग के दौरान कुछ ही देर उन्हें समझ आ गया की किसी ने कलेक्टर साहब के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाया है। लिहाजा लोगो को सतर्क करने के लिए उसने चैटिंग का स्क्रीन शॉट Democrecy.in को उपलब्ध कराया है। ताकि समाचार के माध्यम से इस फर्जी फेसबुक आईडी के संबंध में जानकारी हो जाए।
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