चरणदास महंत के खिलाफ धारा 506 के तहत जुर्म दर्ज, अपराध साबित होने पर हो सकती है 7 साल की सजा

राजनांदगांव। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के खिलाफ IPC की धारा 506 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। अपराध साबित होने पर आरोपी को सात साल की सजा और अर्थदंड दोनो हो सकती है।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजनांदगांव में कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी भूपेश बघेल की नामांकन सभा के दौरान नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान को लेकर कोतवाली पुलिस ने धारा 506 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
बता दें छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत ने बीते दिनों राजनांदगांव शहर के स्टेट स्कूल मैदान में आयोजित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नामांकन रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी की थी। इस मामले में राजनांदगांव के नगर पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक ने स्थानीय मीडिया को बताया कि इस मामले को निर्वाचन आयोग ने गंभीरता से लिया है और आरो द्वारा जांच कर प्रतिवेदन दिया गया है। जिस पर कोतवाली थाने में आईपीसी 506 के तहत डॉ चरण दास महंत के खिलाफ अपराध पंजीबद किया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजनांदगांव लोकसभा प्रत्याशी भूपेश बघेल की नामांकन सभा के दौरान डा. चरण दास महंत ने नरेंद्र मोदी के खिलाफ भूपेश बघेल को मजबूती से खड़े होने वाला नेता बताते हुए कहा था कि नरेंद्र मोदी के सिर पर कोई डंडा मारकर उनका सिर फोड़ सकता है तो वह वह भूपेश बघेल है। इसके बाद उनके इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दिखाई थी और चरण दास महंत का पुतला भी फूंका गया था। वहीं अब इस मामले में निर्वाचन आयोग से शिकायत के बाद राजनांदगांव कोतवाली थाने में डॉ चरण दास महंत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। धारा 506 गंभीर चोट, मृत्यु कारित करने की धमकी देने के मामले में दर्ज की जाती है। अब इस धारा के तहत डा. चरण दास महंत के खिलाफ मामला दर्ज होने पर यहां का सियासी पर भी गर्माया हुआ है।

लागू अपराध

1. आपराधिक धमकी
सजा – 2 वर्ष कारावास या आर्थिक दंड या दोनों।
यह एक जमानती, गैर-संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।

2. यदि धमकी मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने आदि के लिए है।
सजा – 7 वर्ष कारावास या आर्थिक दंड या दोनों
यह एक जमानती, गैर-संज्ञेय अपराध है और प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है।
यह अपराध पीड़ित व्यक्ति के द्वारा समझौता करने योग्य है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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