बताया जा रहा है कि नूतन चौक स्थित भूमि में हरीश राठौर द्वारा 2377 वर्ग फीट आबंटित जमीन में तीन फ्लोर का नक्शा का पास कराया गया था। जिसमें भूतल पर 123 वर्ग मीटर में पार्किंग और प्रथम तथा द्वितीय तल में आफिस था। लेकिन हरीश राठौर ने पार्किंग के लिए आरक्षित भूतल पर दुकानों का निर्माण करा लिया और तीन अन्य लोगों को बेच दिया। अवैध निर्माण पर नगर निगम ने नोटिस जारी किया था। तब हरीश राठौर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट ने याचिका में 21 दिन के भीतर अवैध निर्माण स्वयं से हटाने या नक्शे के अनुसार संशोधन करने के निर्देश दिए थे। लेकिन 21 दिन का समय निकल जाने के बाद भी निर्माणकर्ता की ओर से निर्माण में कोई संशोधन नही लिया गया और न ही हटाया गया। इस दौरान दुकान के क्रेता की ओर से हाईकोर्ट में दुकान को लेकर याचिका लगाई। इस याचिका पर सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने दो दिन के भीतर मामले के निराकरण करने का निर्देश देते हुए सीमांकन करने और सीमांकन के परिणाम के अनुरूप कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीमांकन के पश्चात सभी अवैध निर्माण को आज निगम ने तोड़ दिया गया है। बताया जा रहा है की नीलामी में यह जमीन हरीश राठौर ने ली थी लेकिन वास्तव में यह खेल एक कांग्रेस नेता खेल रहा था। जिस जमीन पर कांप्लेक्स बना था वह पहले आटो स्टैंड और बस स्टैंड था। जिसे सुनियोजित तरीके से कांग्रेस नेता ने नीलम कराया और अपने खास आदमी के नाम पर लिया और नियम कानून को ताक पर रखकर कांप्लेक्स का निर्माण करा लिया।