रायपुर। शराब घोटाला केस में सोमवार को पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद एक बार फिर से टुटेजा की न्यायिक रिमांड 14 दिन लिए बढ़ा दी है। अब वे 3 जून तक जेल में रहेंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ उत्पाद विभाग के पूर्व विशेष सचिव अरुण पति त्रिपाठी की जमानत याचिका भी कोर्ट ने ख़ारिज कर दी है।
ईडी ने कोर्ट को बताया कि शराब घोटाला मामले को लेकर पूछताछ की थी और जिसमे बहुत सारे नए नाम सामने आए है और कई सबूत मिले है। ईडी उन्हें समंस जारी कर पूछताछ के लिए अपने दफ्तर बुला रही है। ईडी ने कहा कि टीम को टुटेजा के पास से कई डिजिटल डिवाइस भी मिले हैं। जिनके डाटा को एस्ट्रेक्ट कर एनालिसिस किया जा रहा है। जल्द ही इस मामले में अन्य लोगो की भी गिरफ्तारी की जा सकती है। कोर्ट ने ED की दलील को स्वीकार करते हुए टुटेजा की 14 दिन की रिमांड बढ़ा दी है। इधर छत्तीसगढ़ उत्पाद विभाग के पूर्व विशेष सचिव अरुण पति त्रिपाठी ने कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन लगाया था उसे भी कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है।
आपको शराब घोटाला मामले में 8 अप्रैल को मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की ECIR को रद्द कर दिया था। जिसके बाद रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश समेत 6 आरोपियों को राहत मिली थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के महज 2 दिन बाद ही इस केस में EOW की FIR को अधार बनाते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने नई ECIR दर्ज की थी। इस मामले में ईडी के अधिकारियों ने कोर्ट में पेश किया। ईडी ने कल सुबह करीब 4 बजे अनिल टुटेजा की गिरफ्तारी दिखाई थी।
पूछताछ के बाद उनके बेटे यश टुटेजा को छोड़ दिया गया था। टुटेजा को आज कोर्ट में पेश किया गया है। ED ने उन्हें आर्किटेक्ट ऑफ लिकर स्कैम बताया है। ईडी ने अनिल टुटेजा की गिरफ्तारी के आधार बताए हैं और इसे लेकर ईडी ने 16 पन्नों की ग्राउंड ऑफ अरेस्ट का ब्योरा पेश किया है। ईडी का कहना है कि, शराब घोटाले में कारोबारी अनवर ढेबर ने सिंडिकेट बनाया और उस सिंडिकेट को सबसे ज्यादा पावर अनिल टुटेजा से मिलती थी। जो कंट्रोलर की भूमिका में थे।
एसीबी और ईओडब्लू दफ्तर गए थे पिता-पुत्र
शराब घोटाले मामले में ईडी ने शनिवार को रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा को ED ने हिरासत में ले लिया था। दोनों से ईडी शराब घोटाला मामले में पूछताछ कर सकती है। पूर्व आईएएस अफसर टुटेजा अपने बेटे के साथ आबकारी मामले में बयान दर्ज करवाने के लिए ACB और EWO के दफ्तर पहुंचे थे।
70 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट है दर्ज
नई ECIR दर्ज होने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय अगले एक सप्ताह में शराब घोटाला केस से जुड़े लोगों पर एक्शन ले सकता है। जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय ने आबकारी केस में नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। इस दौरान शराब कारोबारियों और अधिकारियों की गिरफ्तारी हो सकती है। वहीं विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस मामले से जुड़े लोगों को ED ने लोगों को समंस भेजना भी शुरू कर दिया है। ईओडब्लू की ओर से की गई FIR में 70 लोगो के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि फ्रेश ECIR में भी वही नाम शामिल हैं। ED सभी को पूछताछ करने के लिए समंस भेज रही है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरMarch 23, 2026करगी में मोहन पांडेय की हत्या : 6 आरोपी गिरफ्तार, होली में लकड़ी चोरी करने पर हुआ था विवाद
बिलासपुरMarch 23, 2026पूर्व महापौर पर घर में बुलडोजर चलवाने और जमीन हड़पने का आरोप, पूरा परिवार आ गए है सड़क में, पुलिस FIR भी नहीं लिख रही
बिलासपुरMarch 23, 2026अब लैलूंगा में मिला अफ़ीम की अवैध खेती, दो गिरफ्तार, लीलुंगा से मिला खेती के लिए बीज
बिलासपुरMarch 22, 2026कारगी के बीच सड़क मोहन पांडेय की हत्या, मुख्य आरोपी गिरफ्तार, सहयोगियों की तलाश जारी
