बिलासपुर। प्रदेश की सरकार ने किसानों के खाते में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी क़िस्त डाल दी है। इसी के साथ राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी और शहर अध्यक्ष प्रमोद नायक ने कहा है भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों के साथ न्याय कर दिया है। चौथी क़िस्त उन भाजपा नेताओं को जवाब है जो कल तक चौथी क़िस्त के बारे में पूछते थे। भाजपा के नेता इधर प्रदेश में चौथी क़िस्त के संबंध में पूछते थे और दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से जाकर कहते थे कि इनका चावल मत लो। क्योंकि ये किसानों को बोनस दे रहे है।

श्रीकेसरवानी व नायक ने कांग्रेस भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा भाजपा नेताओं और केंद्र सरकार की तमाम अड़चनों, बाधाओ के बावजूद भूपेश बघेल सरकार ने किसानों को राजीव गांधी न्याय योजना की राशि सफलतापूर्वक देकर यह बता दिया है कि कांग्रेस की सरकार जो कहती है वह करती भी है। जबकि दूसरी ओर देशभर के किसान समर्थन मूल्य की मांग को लेकर दिल्ली में महीनों से आंदोलित है। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने अपने राज्य के 21 लाख से भी अधिक किसानों से लगभग 91 लाख मैट्रिक टन धान घोषित समर्थन मूल्य खरीद कर एक रिकॉर्ड बनाया है। धान खरीदी के बाद राज्य के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने किसानों को न्याय योजना के माध्यम से 10 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से सहायता दे रही है। यही नहीं राजीव गांधी किसान योजना में धान के अलावा मक्का, गन्ना, उत्पादक किसानों को भी पहले वर्ष की चौथी किस्त के रूप में 1104 27 रुपए मिलेंगे।राजीव गांधी किसान योजना के दूसरे चरण में धान, मक्का , गन्ना के अलावा दलहन तिलहन गौर कोदो कुटकी उत्पादक किसानों को भी शामिल किया जाएगा।उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था लेकिन आज तक किसान हित में कोई ठोस पहल नहीं की जा सकी है। छत्तीसगढ़ में मांग करने और केंद्र से रोक लगाने की भाजपा की दोहरी भूमिका को भी अब किसान समझ चुके हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल राजीव गांधी किसान योजना पर रोक लगाने की बात करते हैं तो भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह भाजपा विधायक दल के नेता धर्म लाल कौशिक और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय आखिर खामोश क्यों है इसे प्रदेश की जनता अच्छी तरह समझती है। केंद्र की भाजपा की सरकार का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो चुका है छत्तीसगढ़ में भाजपा किसानों के साथ होने का दावा करना बंद करें। भाजपा और केंद्र की मोदी सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के धान के इतने ज्यादा विरोध में उतर आए हैं कि राज्य के किसानों का धान से बना चावल न तो खुद ले रहे हैं और न ही उसे एथेनाल बनाने की अनुमति देना चाहते हैं। भाजपा की केंद्र सरकार के साथ-साथ रमन सिंह सहित तमाम भाजपा नेता किसानों के विरोध में है। रमन सिंह जैसे नेताओं ने बार-बार नया योजना को धान का बोनस बताने का प्रयास कर राज्य के खिलाफ केंद्र सरकार को दिग्भ्रमित भी किया है। इसी का परिणाम है कि मोदी सरकार ने राज्य से सेंट्रल पूल में 60 लाख मिट्रिक टन चावल लेने की सहमति के बाद उस में कटौती कर 24 लाख मैट्रिक टन कर दिया। भाजपा के रमन सिंह जैसे नेताओं के विरोधी अभियान का दुष्परिणाम है कि राज्य सरकार किसानों से धान खरीदी कर 1400 रुपए में नीलाम करने को मजबूर है।
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