
भोपालः शिवराज सरकार ने लव जिहाद के खिलाफ ’मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2020’ के बिल के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस ड्राफ्ट पर मुहर लग गई। अब इस विधेयक को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सदन में पेश किया जा सकता है। विधानसभा से पास होने के बाद यह विधयेक कानून बन जाएगा और ‘मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 1968’ निरस्त हो जाएगा। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि ‘धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2020’ विधेयक के ड्राफ्ट में कुल 19 प्रावधान हैं. उनके मुताबिक मध्य प्रदेश में बनने जा रहा लव जेहाद कानून दूसरे राज्यों में बने कानूनों से ज्यादा सख्त होगा. इसमें दोषी को 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लव जेहाद के खिलाफ कानून को अध्यादेश के जरिए अमल में ला चुकी है। अब मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार भी उसी राह पर बढ़ रही है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लव जेहाद के खिलाफ अध्यादेश के जरिए जो कानून लागू किया है, उसमें गैर जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज करने और 10 साल की कठोरतम सजा का प्रावधान है। इसका अध्ययन करने के लिए बीते दिनों मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा उत्तर प्रदेश के दौरे पर भी आए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने लव जिहाद के खिलाफ बनाए कानून को अध्यादेश के माध्यम से बीते 24 नवंबर को लागू कर दिया था।
00 कम से कम 10 साल की सजा
विधेयक के ड्राफ्ट के मुताबिक दोषी पर गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। जुर्म सिद्ध होने पर कम से कम 10 साल तक की सजा का प्रावधान विधेयक में किया गया है। लव जेहाद जैसे मामलों में सहयोग करने वालों को भी मुख्य आरोपी बनाया जाएगा। उन्हें अपराधी मानते हुए मुख्य आरोपी की तरह ही सजा होगी. वहीं शादी के लिए धर्मांतरण कराने वालों को भी सजा देने का प्रावधान इस कानून में रहेगा। स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन के लिए एक महीने पहले संबंधित जिले के कलेक्टर आवेदन देना होगा।
00 विधेयक के महत्वपूर्ण प्रावधान
1. धर्मांतरण और धर्मांतरण के पश्चात होने वाले विवाह के 1 माह पूर्व डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को धर्मांतरण और विवाह करने और करवाने वाले दोनों पक्षों को लिखित में आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
2. बगैर आवेदन प्रस्तुत किए धर्मांतरण कराने वाले धर्मगुरु, काजी, मौलवी या पादरी को 5 साल तक की सजा का प्रावधान होगा. पुलिस के सीनियर ऑफिसर जांच करेंगे, मामले की सुनवाई सेशन या स्पेशल कोर्ट में होगी।
3. बहला.फुसलाकर धमकी देकर जबरदस्ती धर्मांतरण और विवाह पर 10 साल की सजा का प्रावधान होगा।
4. जबरन धर्मांतरण और विवाह की शिकायत पीड़ित, उसके माता. पिता या परिजनों द्वारा की जा सकेगी. यह अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होगा।
5. इस प्रकार के धर्मांतरण या विवाह में सहयोग करने वाले सभी आरोपियों के विरुद्ध मुख्य आरोपी की तरह ही न्यायिक कार्रवाई की जाएगी।
6. जबरन धर्मांतरण या विवाह कराने वाली संस्थाओं का पंजीयन निरस्त किया जाएगा. इस प्रकार के धर्मांतरण या विवाह कराने वाली संस्थाओं को डोनेशन देने वाली संस्थाएं या लेने वाली संस्थाओं का पंजीयन भी निरस्त होगा।
Author Profile

Latest entries
UncategorizedOctober 12, 2026कोरबा के 3 शातिर चोर बिलासपुर में पकड़ाए, लाखों के माल जप्त, क्रेटा और बुलेट में जाते थे चोरी करने
बिलासपुरOctober 11, 2026बैटरी चोरी के 06 आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल कंपनी के टावर से किया था चोरी, खरीददार भी पकड़ाया
बिलासपुरOctober 11, 2026रेलवे में 3,548 पदों पर भर्ती, ग्रेजुएट छात्र बन सकते है मालगाड़ी प्रबंधक, 6 नवंबर तक कर सकते है ऑनलाइन आवेदन
सूरजपुरOctober 11, 2026सूरजपुर में मां – बेटे की हत्या, एक का शव सड़क में मिला तो एक का घर के अंदर
