मोपका के सरकारी जमीन में अवैध कब्जा की जांच करने कलेक्टर ने बनाई टिम, 10 जनवरी तक काबिज लोगों से मांगे प्रमाणित दस्तावेज

बिलासपुर। मोपका में सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा की जांच करने के लिए कलेक्टर ने टीम गठित कर दिया है। खसरा नंबर 992 और 993 में काबिज लोगों से 10 जनवरी तक तहसील कार्यालय में दस्तावेज जमा करने के लिए कहा गया है। इसके बाद दिए दस्तावेजों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।

ग्राम पंचायत मोपका की सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन गायब है। राजस्व रिकॉर्ड में तो सैकड़ों एकड़ जमीन सरकारी दिखा रहा है लेकिन मौके पर पूरी बस्ती बस गई है। यही नहीं चर्च और कालोनियां बन चुकी है। पिछले 20 – 22 साल में जितने भी तहसीलदार और SDM बने सबने आंख मूंदकर सरकारी जमीन में अवैध कब्जा कराया। यहां तक कि चर्च के नाम जमीन एलाट कर दी गई और रातों रात चर्च बन गए। भू माफियाओं ने राजस्व विभाग के अधिकारियों से मिलकर न केवल प्लाट बेचे, कालोनियां भी बसा ली। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर कई शिकायतें हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही कारण है भेजा कब्जा धारियों के हौसले बुलंद होते गए। अब कलेक्टर अवनीश शरण ने मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है। यही कारण है कि उन्होंने मोपका के खसरा नंबर 992 और 993 से संबंधित बेजा कब्जा की जांच कराने के लिए एक टिम का गठन किया है। इन दोनों खसरे की भूमि निस्तार पत्रक में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। कलेक्टर द्वारा जांच टिम गठित करने के बाद SDM ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया है जिसमें खा गया है कि खसरा नंबर 992 और 993 की जमीन में जो लोग भी काबिज है वे अपने मूल दस्तावेज के साथ 10 जनवरी 2025 तक तहसील कार्यालय में उपस्थित होकर प्रामाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करें।कब्जाधारियों को यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि नियत तिथि के बाद प्राप्त दस्तावेजों पर विचार नहीं किया जाएगा। यह कदम मामले की जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए उठाया गया है।

दरअसल ग्राम मोपका की सरकारी जमीन में बेजाकब्जा को लेकर कलेक्टर से शिकायत किया गया था। शिकायत में बताया गया है कि सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर कुछ भू माफियाओं ने अवैध रूप से पट्टा बनवाकर, नाम दर्ज कराकर और अंतरण कराकर कब्जा कर लिया गया है। इसके अलावा, भूमि पर अवैध कब्जे की घटनाएं भी सामने आई हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अतिरिक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम गठित की है। इस टीम को मामले की तह तक जाकर जांच करने के लिए कहा गया है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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