कुसुम स्टील प्लांट हादसा : मृतकों की संख्या हुई चार, बिना मुआवजा शव ले जाने से परिजनो ने किया इनकार, कलेक्टर, SP, SDM ने संभाला मोर्चा

मुंगेली। रामबोड़ के कुसुम स्मेल्टर प्लांट के दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 4 हो गई है। इधर परिजन मुआवजा लिए बिना शव ले जाने से इनकार कर दिया। जबकि शनिवार को पूरा प्रशासन सेटलमेंट करने सिम्स के मर्चुरी में डेट रहे। उधर प्लांट प्रबंधन का आदमी मामला रफा दफा कराने बैग में नोट लेकर मंत्रियों के बंगले का चक्कर काट रहा है। घटना के बाद से प्लांट प्रबंधन की पूरी टिम गायब है और प्रशासनिक अधिकारी हो मोर्चा संभाले हुए है। अधिकारियों की इस सक्रियता और प्रबंधन के गायब होने को लेकर कई तरह की बाते हो रही है।

मुंगेली जिले के रामबोड़ स्थित कुसुम स्मेल्टर प्लांट में दुर्घटना के बाद कामकाज बंद है। यहां काम करने वाले मजदूर दहशत में है। घटना के बाद से प्लांट में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। शुक्रवार देर रात मालवा हटाने के बाद अंतिम और चौथा शव भी बरामद कर लिया गया है। इस प्रकार हादसे में मृतकों की संख्या चार हो गई है। मृतकों में अवधेश कश्यप पिता निखादराम कश्यप निवासी तागा जांजगीर चांपा, प्रकाश यादव पिता, परदेशी यादव निवासी अकोली बलौदाबाजार, जयंत साहू पिता काशीनाथ साहू निवासी जबड़ापारा सरकंडा बिलासपुर हैं। एक व्यक्ति घायल मनोज धृतलहरे को पूर्व में ही राहत एवं बचाव कार्य करते हुए अस्पताल भेजा गया था, जहां पर उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। सभी के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स बिलासपुर लाया गया है। यही कारण है सिम्स में शुक्रवार रात से मजदूरों और परिजनों की भीड़ लगी हुई थी। उन्हें समझाने बुझाने के लिए मुंगेली कलेक्टर और SP के निर्देश पर एडिशनल कलेक्टर, SDM, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, CSP और थानेदार के अलावा सौ से अधिक पुलिसकर्मी मर्चुरी और उसके आसपास तैनात की गई थी। शनिवार को भी प्रशासन के अधिकारी लगातार मृतकों के परिजन से बात करते रहे और उन्हें शव लेजाकर अंतिम संस्कार करने के लिए कहते रहे। इसके लिए अधिकारियों ने कई तरह के हथकंडे अपनाए लेकिन देर शाम तक बात नहीं बनी और सभी शव को डिप फ्रीजर में रखना पड़ा। बताया जा रहा है कि मृतकों में एक सब इंजियर है उनके परिजन दो करोड़ रुपए का मुआवजा देने की मांग की है। जबकि बाकी मृतकों के परिजन 50 – 50 लाख रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कर रहे है। जबकि प्रशासनिक अधिकारी पुलिस के सहयोग से मामला सेटल करने में लगे रहे और मृतक के परिजनों के अनुसार अधिकारी प्रबंधन के हित में बात कर रहे है। उधर विश्वस्त सूत्रों के अनुसार जानकारी मिल रही है प्लांट प्रबंधन का आदमी अपने आपको बचाने और सैफ करने के लिए बैग में करोड़ो रुपए लेकर मंत्रियों के चक्कर काट रहा है।

आपको बता दे दो दिन पहले स्मेल्टर प्लांट में लगे लगभग 200 टन वजनी साइलो (कंटेनर) के गिरने से बड़ा हादसा हुआ था। मजदूरों के उसमें फंसे होने की सूचना पर कलेक्टर एवं एसपी के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। भारी भरकम कंटेनर को हटाना काफी चुनौती भरा कार्य था। प्रारंभ में बचाव कार्य के लिए नजदीकी क्रेन को बुलवाकर कंटेनर को हटाने की कोशिश की गई, परंतु भारी वजन होने के कारण से उसे हटाया नहीं जा सका।कलेक्टर ने तत्काल संपर्क कर 400 टन क्षमता का क्रेन मंगाया गया। लेकिन इस क्रेन के लिफ्टिंग हुक को सही जगह लगाकर कर उठाना काफी मुश्किल था। साइलो के अंदर लगभग 200 टन कोयला का डस्ट भी भरा हुआ था। ऐसे में साइलो के सब स्ट्रक्चर को कटिंग कर हटाया गया, उसके बाद कंटेनर को काटकर उसके अंदर भारी मात्रा में रखे डस्ट को निकाला गया। पूरी रात स्ट्रक्चर को कटिंग करने के बाद लगभग 200 टन डस्ट को हटाया गया। 30 घंटे लगातार काम करने के बाद साइलो को भारी क्रेन से लिफ्ट कर हटाया गया। इसके बाद NDRF और SDRF की टीम ने दबे कर्मचारियों के शवों को बाहर निकाला।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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