गर्भवती पत्नी की हत्या, पति को कोर्ट ने दी आजीवन कारावास की सजा, आरोपी ने किया था आत्महत्या साबित करने का प्रयास

कोरबा। गर्भवती पत्नी की हत्या करने वाले पति को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा दी है। आरोपी पति ने चाकू मारकर पत्नी की हत्या कर दिया फिर उसे आत्महत्या का स्वरूप देने का प्रयास किया। लेकिन डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मामले में गंभीर विवेचना ने आरोपी को बेनकाब कर दिया।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि आरोपी शिव प्रकाश शाह 17.04.2022 को अपने गर्भवती पत्नी के चरित्र पर शंका करते हुए चाकू मार कर हत्या कर दिया था। मामले को आत्महत्या का स्वरूप देने के उद्देश्य से अस्पताल में उपचार करने वाले डॉक्टरों को झूठी कहानी बताया कि 17.04.2022 को रात्रि में दोनों पति पत्नी में झगड़ा हो रहा था तभी आरोपी की पत्नी ने आवेश में आकर स्वयं को चाकू मार लिया। जिससे बेहोश हो गई है, जिसका उपचार कराने अस्पताल लेकर आया है। डॉक्टरों ने आरोपी की पत्नी का उपचार किया गया लेकिन उसकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस चौकी रामपुर कोरबा में मर्ग पंजीबद्ध कर पंचनामा कार्यवाही की गई। पुलिस जांच के दौरान भी आरोपी ने पत्नी के आत्महत्या के संबंध में झूठी कहानी सुनाया और एक सब्जी काटने वाले चाकू को फर्जी तरीके से आत्म हत्या करने में उपयोग करना बताकर चाकू जप्ती करवा दिया। घटना के चश्मदीद गवाह आरोपी के 3 बच्चे थे जिन्होंने घटना को देखा था किंतु उन्हें भी अपने प्रभाव में ले लिया। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का होने से फाइल किए जाने योग्य प्रतीत हो रहा था। पीएम रिपोर्ट में डॉक्टर ने मृतिका के शरीर पर कुल 14 चोट के निशान बताए, जिसका क्वेरी कराने पर डॉक्टरों ने बताया कि कुछ चोटों को छोड़कर शेष चोट काफी गहरे थे जिन्हें मृतका स्वयं नहीं पहुंचा सकती थी।इस संबंध में डॉक्टर का मत था कि आत्महत्या करने वाला व्यक्ति स्वयं को इतना गहरा और घातक चोट नहीं पहुंचा सकता। इस आधार पर प्रकरण को हत्या का मामले मानते हुए आरोपी शिव प्रकाश शाह को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की गई। काफी देर तक गुमराह करने के बाद टूट गया और बताया कि आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र पर शंका करता था। इसी बात को लेकर घटना दिनांक को चाकू से मारकर हत्या कर दिया और स्वयं को बचाने के लिए पत्नी द्वारा स्वयं आत्महत्या करने की कहानी बता कर गुमराह किया। इसके बाद आरोपी शिव प्रकाश शाह के
विरुद्ध धारा 302, 201 एवं 315 भादवि के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर सत्र न्यायालय जिला कोरबा छत्तीसगढ़ के न्यायालय में चलान प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण का ट्रायल सत्र न्यायाधीश न्यायालय कोरबा द्वारा किया गया है। ट्रायल के दौरान घटना के चश्मदीद गवाह अपने बयान से मुकर गए। शासकीय अधिवक्ता ने प्रकरण में उपलब्ध परिस्थितिजन्य साक्ष्य एवं लास्ट सीन थ्योरी को न्यायालय के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद न्यायालय ने 14 .01.2025 को निर्णय दिया जिसमें आरोपी शिव प्रकाश शाह को धारा 302 भादवि के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 1000 रुपए का अर्थदंड, धारा 201 भादवि के अंतर्गत 05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपए का अर्थदंड एवं धरा 316 भादवि के अंतर्गत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपए के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।

00 डॉक्टर का क्वेरी रिपोर्ट एवं पुलिस का लास्ट सीन थ्योरी बना दोषसिद्धि का मुख्य आधार

विवेचना के दौरान पुलिस ने न्यायालय के समक्ष इस तथ्य को प्रमुखता से प्रस्तुत किया कि घटना के समय मृतका के पास आरोपी और उसके बच्चे ही मौजूद थे। आरोपी ने घटना की सूचना पड़ोसियों को भी नहीं दिया और उपचार कराने के लिए अकेले अस्पताल लेकर गया। साथ ही डॉक्टरों को जानकारी दी कि मृतका ने स्वयं चाकू मारकर आत्महत्या की है। पुलिस के इस तर्क को न्यायालय ने माना कि मृतिका के साथ घटित घटना के समय आरोपी शिव प्रकाश शाह उपस्थित था। साथ ही मृतका को आई चोट के बारे में डॉक्टर द्वारा बताया गया कि यह चोट मृतिका स्वयं नहीं पहुंचा सकती थी, इस आधार पर न्यायालय ने माना कि आरोपी उपरोक्त परिस्थितियों पर अपना बचाव करने में असफल रहा है। न्यायालय ने निर्णय में कहा है कि आरोपी के द्वारा अपनी पत्नी की हत्या के साथ-साथ पत्नी के गर्भ में पल रहे शिशु की भी हत्या की है जो गंभीर अपराध है।

प्रकरण की विवेचना तत्कालीन चौकी प्रभारी रामपुर कोरबा उप निरीक्षक कृष्णा साहू के द्वारा किया गया है, जो कि वर्तमान में थाना सरकंडा में उप निरीक्षक के पद पर पदस्थ है। न्यायालय में लोक अभियोजक राजेंद्र साहू द्वारा पैरवी किया गया।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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