बिलासपुर। कांग्रेस के आदतन बागी नेता त्रिलोक श्रीवास को भी पार्टी से निकाल दिया गया है। उनके ऊपर अपनी पत्नी को कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव लड़ाने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय केशवानी ने उनके निष्कासन का ऐलान करते हुए कहा कि त्रिलोक श्रीवास हर उस कांग्रेस प्रत्याशी के खिलाफ काम किया है जिसे पार्टी ने विधान सभा, लोक सभा, जिला पंचायत, जनपद पंचायत के चुनाव में पार्टी ने प्रत्याशी बनाया।
कांग्रेस भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बिलासपुर जिला पंचायत क्षेत्र के अन्तर्गत 17 क्षेत्रों के लिये जिला चयन ममिति के द्वारा प्रस्तावित नामो का अनुमोदन प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ द्वारा किया गया था। इसके बाद प्रदेश काग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर (ग्रामीण) के द्वारा पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी की गई थी।
जिला पंचायत बिलासपुर क्षेत्र क्रमाक 3 (तीन) से काग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी श्रीमती कल्पता कनेरी ने जिला कांग्रेस कमेटी को लिखित शिकायत किया है कि उनके क्षेत्र से त्रिलोक श्रीवास अपनी पली श्रीमती स्मृति श्रीवास को चुनाव लड़वा रहा है। उसके पक्ष में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर चुनाव प्रचार भी कर रहा है। स्मृति श्रीवास के सभी प्रचार सामग्री में त्रिलोक श्रीवास ने अपना फोटो भी लगवाया है। त्रिलोक श्रीवास का यह कृत्य अनुशासनहीनता के साथ ही खुलाधात की श्रेणी में आता है।
इसी तरह ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और जिला पंचायत बिलासपुर क्षेत्र क्रमाक (एक) से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी श्रीमती सुनीता सत्येन्द्र कौशिक एवं क्षेत्र क्रमांक २ (दो) से अधिकृत प्रत्याशी झगरराम सूर्ववशी ने भी जिला कांग्रेस कमेटी को लिखित शिकायत किया है। इस प्रकार त्रिलोक श्रीवास कांग्रेस के दो प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव प्रचार और खुलाघात किया जा रहा है जो की अनुशामनहीनता की श्रेणी में आता है।
विजय केशरवानी ने बताया कि इसके पहले भी त्रिलोक श्रीवास के खिलाफ 2008. 2013, 2018 के विधानसभा चुनाव में, फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में, फिर 2023 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस प्रत्याशियों के विरुद्ध काम करने, प्रचार करने की लिखित शिकायत हो चुकी है। हर प्रत्याशी ने उसके खिलाफ PCC में शिकायत कर चुके है। वर्तमान में नगर निगम बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 68 से पार्षद पद हेतु अपने सगे छोटे भाई की पली श्रीमती योगिता श्रीवास को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर बड़ा कर काग्रेस पार्टी के प्रत्याशी श्रीमती प्रीति मनीष गढ़वाल के खिलाफ प्रचार किया प है जो कि अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। लगातार पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने, लड़ाने और पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम करने पर सर्व सम्मति से त्रिलोक श्रीवास को पार्टी से बाहर निकालने का निर्णय लिया गया है। श्री केशवानी ने बताया कि त्रिलोक श्रीवास की प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी गई है।
आपको बता दें कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास हर चुनाव में अपने लिए या फिर, पत्नी, बहु और भाई के लिए टिकट की मांग करते है। मिल जाता है तो पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने है। टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ते रहे है। उनके इस भगवती तेवर के कारण एक बार पार्टी से पहले भी निकाला जा चुका है। लेकिन कुछ बड़े नेताओं से नजदीकी होने के कारण फिर से पार्टी में वापसी हो गई थी। आपको बता दे पार्टी के कुछ बड़े नेताओं का उनके घर नियमित आना जाना, उतना बैठना है।
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