बिलासपुर। तोरवा थाने का प्रभारी SP से ज्यादा पावरफुल हो गया है। SP के निर्देश के बाद थाना प्रभारी ने मारपीट और गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ जुर्म दर्ज तो किया लेकिन नेतापुत्र का नाम गायब कर दिया है।
जिले का पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह रात दिन एक करके क्राइम कंट्रोल करने में लगे हुए है। लेकिन मातहत अधिकारी उनकी मेहनत पर पानी फेरने में लगे हुए है। मातहत अधिकारियों की कारगुज़ारियों के कारण पारदर्शी और संवेदनशील पुलिसिंग की धज्जियां उड़ रही है। ताजा मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है। दो दिन पहले थाने में एक आदतन गुंडा अविनाश सोनकर उर्फ दद्दू और अमितेश राय के खिलाफ सुगम निषाद मारपीट, गाली गलौच और जान से मारने की देने की शिकायत की थी। थाने में कोई कार्रवाई नहीं ही तो सुगम निषाद ने SP से लिखित शिकायत किया साथ ही वीडियो फुटेज सौंपा। इसके बाद SP रजनेश सिंह ने थानेदार की सभी के खिलाफ जुर्म दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। SP के निर्देश पर थाना प्रभारी ने जुर्म दर्ज तो किया लेकिन कांग्रेस से निष्काशित नेता के पुत्र अमितेश राय का नाम FIR से गायब कर दिया। थानेदार के इस कृत्य से आदतन बदमाश के खिलाफ एक और मामला जुड़ गया लेकिन नेता पुत्र साफ बच गया। थानेदार का यह करतूत चर्चा का विषय बन गया है कि SP बड़ा है थानेदार ? दूसरा इस बात की भी चर्चा है कि जब लिखित शिकायत में दोनो के नाम है तो एक नाम पर FIR और दूसरा थाने से बेइज्जत बरी कैसे हो गया ? क्या थानेदार न्यायालय का काम भी करने लगे है ? दरअसल मामला 27 फरवरी की है। देवरीखुर्द निवासी सुगम निषाद 25 वर्षीय ने तोरवा थाने में लिखित शिकायत किया कि 27 फरवरी को वह देवरीखुर्द स्थित कैफे एरिना नामक स्नूकर क्लब में रात साढ़े ग्यारह बजे स्नूकर खले रहा था। तभी अविनाश सोनकर उर्फ दद्दू और अमितेश राय दोनों आए और उसके मारपीट करते हुए गाली गलौच किया और जान से मारने की धमकी दी। गोली मारने की धमकी भी दी। दोनो उस क्लब में लगभग दस से पंद्रह मिनट तक दबंगई करते रहे और गुंडागर्दी करते हुए आतंक मचाया।
लेकिन इस शिकायत पर तोरवा थाना प्रभारी ने कोई कार्रवाई नहीं किया। इसके दूसरे दिन 28 फरवरी को पीड़ित युवक ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत की और न्याय की गुहार लगाई। पुलिस कप्तान ने युवक की शिकायत पर थानेदार को जुर्म दर्ज करने के निर्देश दिए और मामले में शामिल सभी बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। कप्तान के निर्देश पर थाना प्रभारी अपराध तो दर्ज कर लिया लेकिन FIR से अमितेश राय का नाम गायब कर दिया। अब थानेदार ने अमितेश राय का नाम चढ़ावा लेकर गायब किया या किसी के दबाव में आकर किया यह जांच का विषय है। फिलहाल थानेदार की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई पारदर्शी और संवेदनशील पुलिसिंग के दावे पर सवाल खड़े कर रहे है।
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