बिलासपुर। सायबर सेल और सरकण्डा पुलिस ने ऑन लाइन सट्टा खिलाने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के ऑफिस से 03 नग LED tv, 16 नग मोबाइल, 02 नग लैपटॉप, 02 नग CPU, 02 नग प्रिंटर, 01 नग राउटर अथवा नेटबॉक्स, 30 नग से अधिक फर्जी सिम, 07 नग बैंक पासबुक, 02 नग चेक बुक, 14 नग विभिन्न बैंकों के ATM कार्ड, 02 नग रजिस्टर जिसमें लाखो रूपये के ऑनलाईन सट्टा का हिसाब किताब दर्ज है जप्त किया है।
पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (भा.पु.से) के निर्देश पर अवैध गतिविधियों में शामिल लोगो के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी कडी में ऑनलाइन बैटिंग प्लेटफॉर्म के विरूद्ध साइबर सेल और सरकण्डा क्षेत्र में बड़ी कार्यवाही की गई है। बिलासपुर एवं आस-पास ऑनलाइन गेम का ब्रांच खोलकर सट्टा खिलाने की सूचना मुखबीर से मिली थी। इसके बाद ए.सी.सी.यू. (सायबर सेल) बिलासपुर व थाना सरकण्डा की संयुक्त टीम द्वारा रेड कार्यवाही कर आरोपी सुरेश प्रजापति को हिरासत में लेकर पुछताछ किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि बिलासपुर ब्रांच का संचालन वह खुद कर रहा था। लगभग एक माह से बिलासपुर में रहकर ठिकाना बदल बदल कर ऑनलाईन प्लेटफार्म पर गेम संचालित कर रहा था। आरोपी के बताये अनुसार उनके कब्जे से ऑनलाइन सट्टा खिलाने के लिए उपयोग होने वाली सामग्री 03 नग एल.ई.डी. टी.वी., 16 नग मोबाइल, 02 नग लैपटॉप, 02 नग सी.पी.यू., 02 नग प्रिंटर, 01 नग राउटर अथवा नेटबॉक्स, 30 नग से अधिक फर्जी सिम, 07 नग बैंक पासबुक, 02 नग चेक बुक, 14 नग विभिन्न बैंकों के ए.टी.एम. कार्ड जप्त किया गया है। पुलिस ने 02 नग रजिस्टर भी जप्त किया है जिसमें लाखो रूपये के ऑनलाईन सट्टा का हिसाब किताब है। आरोपी से नगदी रकम 01,80,000 रू बरामद किया गया है।
00 नाम आरोपी –
सुरेष प्रजापति पिता छतलाल प्रजापति उम्र 32 साल निवासी घुटकु कुम्हारपारा थाना कोनी जिला बिलासपुर (छ.ग.)
कार्यवाही में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उदयन बेहार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण व ए.सी.सी.यू. अनुज कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक सरकण्डा सिद्धार्थ बघेल, निरी. निलेश पाण्डेय, थाना प्रभारी सरकण्डा निरी. राजेश मिश्रा प्रभारी ए.सी.सी.यू. उप निरी. अजहररूद्दीन (ए.सी.सी.यू.), उप निरी. उप निरी. व्यास नरायण बनाफर सउनि शैलेन्द्र सिंह प्र.आर. म.प्रआर. 119 संगीता नेताम, आर. संजीव जांगडे, राकेश यादव थाना सरकण्डा एवं ए.सी.सी.यू. बिलासपुर के प्र.आर. आतिश पारिक आर. अभिजित डाहिरे एवं मुकेश वर्मा का सराहनीय योगदान रहा।
00 तरिका-ए-वारदातरू
ब्रांच को कस्टमर टेलीग्राम के माध्यम से प्राप्त होते है जो पैन इंडिया के होते है, जो ब्रांच के व्हाट्सएप नम्बर से संपर्क करते है, कस्टमर को ब्रांच के द्वारा लिंक दिया जाता है जिसके माध्यम से ऑनलाइन सट्टा में शामिल होते है। मुनाफे का 65 प्रतिषत हेड ऑफिस को और 35 प्रतिषत ब्रांच को मिलता था। ब्रांच के लेन देन हेतु फर्जी सिम कार्ड और फर्जी बैंक अकाउंट संचालक द्वारा उपलब्ध कराया जाता था।
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