रायगढ़। रायगढ़ शहर के बोईरदादार निवासी राजू मिरी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है, जिससे वे न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। मृतक के बड़े भाई विजय मिरी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
राजू मिरी का शव जोएमजे अस्पताल और सूर्य विहार कॉलोनी के बीच नाले के पुल पर संदिग्ध हालत में मिला था। शव पर गहरे जख्म, दाहिने कंधे पर 5-6 इंच का गहरा घाव और पसली-कंधे पर किसी भारी वाहन के टायर के निशान मिले हैं। परिजनों का दावा है कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि साजिशन की गई हत्या है। परिजन के अनुसार, संजय कोसले, अनिल बरगति और शिवा यादव मृतक को उसकी दुकान से बुलाकर ले गए थे। इसके बाद रात 8-9 बजे के बीच उसकी मौत की खबर मिली। परिजनों ने मांग की है कि इन तीनों संदिग्धों की मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल निकाली जाए ताकि सच सामने आ सके। परिजनों का आरोप है कि 6 मार्च 2025 को उन्होंने थाना प्रभारी चक्रधर नगर और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। लेकिन दो हफ्ते बीतने के बावजूद कोई जांच या कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने अभी तक संदिग्धों से पूछताछ तक नहीं की है और न ही मृतक का पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिवार को सौंपी गई। पुलिस कार्रवाई में देरी से नाराज मृतक के बड़े भाई विजय मिरी और अन्य परिजन लगातार सीएसपी ऑफिस और थाने के चक्कर काट रहे हैं। हर बार उन्हें “आज आओ, कल आओ” कहकर टाल दिया जाता है। परिजनों ने मृतक की तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज के साथ उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच हो और दोषियों को सख्त सजा मिले। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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