बिलासपुर। बिल्हा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष विक्रम सिंग ने राजाकापा की घटना को लेकर सवाल खड़ा कर दिया है। उसका कहना है कि किसान की आत्महत्या के लिए क्या केवल पटवारी जिम्मेदार है। इसमें तहसीलदार की कोई भूमिका नही है। इस मामले में उन्होंने उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
श्रीसिंह का कहना है प्रदेश कि आम आदमी नामांतरण, सीमांकन, फौती, बंटवारा और ऋण पुस्तिका जैसे काम के लिए दर-दर भटक रहे है। राजस्व विभाग के अधिकारी भूमाफियाओं के इशारे पर काम कर रहे है। राजाकापा के छोटू कैवर्त की आत्महत्या इसी का नतीजा है। उन्होंने कहा है नामांतरण, सीमांकन, फौती, बंटवारा और ऋण पुस्तिका जैसे काम बिना तहसीलदार के प्रमाणित किए बिना नही होता है। लेकिन किसान आत्महत्या मामले में केवल पटवारी के खिलाफ ही करवाई की गई है। जबकि ऐसी घटनाओं के लिए आरआई, नायब तहसीलदार, तहसीलदार और एसडीएम सब जिम्मेदार है। श्रीसिंह ने कलेक्टर को शिकायत करते हुए इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। गौरतलब हबकी पिछले दिनों तखतपुर तहसील अंतर्गत ग्राम राजा कापा निवासी छोटू राम कैवर्त पिता स्वर्गीय पंचराम कैवर्त ने अपने घर के पीछे बड़ी में फंसी लगाकर आत्महत्या कर लिया था। आत्महत्या करने के पहले उसने पटवारी पर पांच हजार रुपए लेने के बाद भी ऋण पुस्तिका नही बनाने का आरोप लगाया था। छोटू कैवर्त का आरोप है कि ऋण पुस्तिका बनाने के लिए पांच हजार रुपए लेने के बाद भी 6 महीने से अपने कार्यालय का चक्कर कटवा रहे है।
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