बैंकर्स को कहा था ग्रामीण क्षेत्र में 13 ब्रांच खोलने, खोले सिर्फ 3, आदेश की नाफरमानी पर भड़के कलेक्टर

बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण की अध्यक्षता में आज बैंको की जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की त्रैमासिक बैठक मंथन सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में बैंकर्स के कई झोल सामने आए। एक साल पहले कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्र में 13 शाखाएं खोलने के निर्देश दिए थे लेकिन खुले मात्र 3, इसी तरह 11 सौ युवाओं को आरसेटी के तहत प्रशिक्षण दिया गया लेकिन बैंकों ने लोन दिया मात्र 3 युवाओं को। बैंकों के इस नाफरमानी पर कलेक्टर चिढ़ गए और जमकर फटकार लगाई।

बैठक में उन्होंने बैंक के अधिकारियों से पूछा कि एक साल पहले जिले के दूरस्थ इलाकों में 13 बैंक शाखाएं खोलने के निर्देश दिए थे। कितने खोले ? तो अधिकारियों ने जानकारी दी एक साल बीतने के बाद केवल तीन शाखाएं दगोरी, सेन्दरी एवं भरनी में खोले है। शेष 10 और शाखाओं के बारे में बैंकर्स कुछ नहीं बता पाए है। खुलेगा की नहीं खुलेगा ? खुलेगा तो कब खुलेगा ? इसको लेकर बैंकों के अधिकारी कोई भी जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद कलेक्टर ने उन बैंकों के विरूद्ध शासन स्तर पर संस्थागत वित्त विभाग को पत्र लिखने के निर्देश दिए है। उन्होंने आरबीआई की गाईड लाईन के अनुरूप समाज के कमजोर तबकों – एससी एवं एसटी एवं किसानों को निर्धारित मानक से कम लोन देने पर भी एतराज जताया और इस साल इसे सुधारने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, आरबीआई एवं नाबार्ड के प्रतिनिधि सहित सभी बैंको के प्रबंधक एवं लाईन डिपार्टमेन्ट के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत डेयरी एवं मछलीपालन के लिए लोन आवंटित करने में उपेक्षा किये जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राज्य की डेयरी महासंघ का एनडीडीबी के साथ एमओयू हुआ है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के ज्यादा लक्ष्य मिले हैं। डेयरी पालन के इच्छुक किसानों को ज्यादा लोन मिले, तभी यह टास्क संभव होगा। सभी बैंक इस दिशा में प्रयास करें। कैनरा बैंक की सीपत शाखा द्वारा महिला समूहों को परेशान करने का मामला सामने आया। छोटी-छोटी बातों को लेकर सहयोग करने के बजाय उनके द्वारा दुर्व्यवहार किया जाता है। कलेक्टर ने एलडीएम को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है। कलेक्टर ने आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को बैंक ऋण देने के निर्देश दिए। बताया गया कि इस दिशा में बैंक प्रबंधन ध्यान नहीं दे रहे हैं। लगभग 1100 प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं में से मात्र 3 को ऋणु मुहैया कराया गया है। बैठक में कलेक्टर ने बैंक प्रबंधन और अधिकारियों की जरूरतमंद लोगों को ऋण देने और योजनाओं के अमल में लाने में आ रही दिक्कतों की जानकारी ली और उनका समाधान भी किया। एलडीएम दिनेश उरांव सहित सभी बैंकों के प्रबंधक एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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