रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बिलासपुर RTO को सस्पेंड कर दिया गया है। उनके ऊपर भैंसाझार परियोजना में नहर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण में अनियमितता के आरोप है। भैंसाझार परियोजना में अभी तक लगभग 13 सौ करोड़ रुपए खर्च हो चुके है लेकिन अभी भी अधूरा है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआती लागत 600 करोड़ रुपए के आसपास थी। लेकिन बेतहाशा भ्रष्टाचार ने इसकी लागत दुगनी कर दी है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भू-अर्जन अधिकारी (कोटा, जिला बिलासपुर) आनंदरूप तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार उनके विरुद्ध भू-अर्जन की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं करने की बात सामने आई हैं। जिसके कारण शासन को आर्थिक क्षति हुई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आनंदरूप तिवारी जो वर्तमान में वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, बिलासपुर के पद पर कार्यरत हैं, ने चकरभाठा वितरण नहर निर्माण के लिए की गई भूमि अर्जन प्रक्रिया में शासन की अपेक्षित पारदर्शिता और उत्तरदायित्व का पालन नहीं किया। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया है।
निलंबन के दौरान उन्हें आयुक्त कार्यालय, बिलासपुर संभाग में अटैच किया गया है। शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।बिलासपुर के अरपा भैंसाझार परियोजना में एक ही खसरे का अलग-अलग रकबा दिखाकर मुआवजा बांटने में 3 करोड़ 42 लाख 17 हजार 920 रुपए की अनियमितता की गई है। तब कोटा के तत्कालीन SDM आनंद रूप तिवारी, कीर्तिमान सिंह राठौर समेत कई अधिकारियों को दोषी पाया गया था, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं की गई थी। राठौर इस वक्त रायपुर में अपर कलेक्टर हैं। इस मामले में दोबारा जांच के बाद RI मुकेश साहू को बर्खास्त किया गया है और दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन से अनुशंसा की गई है। मामला सामने आने पर तत्कालीन कलेक्टर सौरभ कुमार की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने जांच की थी। जांच में तत्कालीन कोटा SDM आनंद रूप तिवारी, कीर्तिमान सिंह राठौर, तत्कालीन नायब तहसीलदार मोहर साय सिदार, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राहुल सिंह, तत्कालीन पटवारी दिलशाद अहमद, मुकेश साहू के अलावा जल संसाधन विभाग के तत्कालीन कार्यपालन अभियंता आरएस नायडु, अशोक तिवारी, तत्कालीन एसडीओ तखतपुर राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, आरपी द्विवेदी, उप अभियंता तखतपुर आरके राजपूत को जिम्मेदार माना गया था।
बिलासपुर के कोटा ब्लॉक के भैंसाझार में अरपा नदी पर 1,141 करोड़ रुपए की लागत से अरपा भैंसाझार प्रोजेक्ट का निर्माण 2013 से चल रहा है। लेकिन अब तक इसका काम पूरा नहीं हुआ है।
इसके बनते ही जिले के 3 ब्लॉक के 102 गांवों के करीब 25 हजार हेक्टेयर खेतों तक खरीफ फसल के लिए पानी पहुंचेगा। परियोजना का शिलान्यास पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवानी ने 2013 में किया था। शुरुआत में इसकी लागत 606 करोड़ रुपए थी। इसका निर्माण कार्य राधेश्याम अग्रवाल/ सुनील अग्रवाल की एजेंसी कर रही है।
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