शिवरीनारायण में भर्राशाही : स्थगन के बाद भी अवैध निर्माण जारी, बुलडोजर चलाने में आधिकारियों के कांप रहे हांथ

शिवरीनारायण। नारायण धाम टेम्पल सिटी शिवरीनारायण मे शिवरीनारायण – खरौद मार्ग पर सड़क से लगा हुआ बेशकीमती शासकीय भूमि खसरा नं.629 रकबा 0.121 हे. में से लगभग 4 डिसमील भू-भाग पर नगर के एक तथाकथित भाजपा नेता आनंद केड़िया द्वारा अवैध कब्जा कर भवन निर्माण करा रहे हैं।इसकी शिकायत होने पर शिवरीनारायण तहसीलदार अविनाश चौैहान द्वारा इस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए भवन के निर्माण को रोकने 6 जून को स्थगन आदेश जारी किया गया। जिस समय तहसीलदार ने आनंद केड़िया को स्थगन आदेश जारी किया।उस समय उस भवन के प्रथम तल पर निर्माण कार्य चल रहा था। लेकिन उसकी छत की ढ़लाई नही हुई थी। स्थगन आदेश जारी होने के बाद भी आनंद केडिया ने यह निर्माण कार्य बेरोकटोक जारी रखा और 9 जून को भवन के प्रथम तल का निर्माण कार्य भी पूर्ण करा लिया।इसकी जानकारी मिलने पर तहसीलदार अविनाश चौहान ने 9 जून को ही राजस्व अमला सहित पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर निर्माण कार्य में उपयोग किए जा रहे सामग्रियों में एकमात्र मिक्सचर मशीन को जब्त कर पुलिस के सुपुर्द किया। इसके बावजूद यह तथाकथित भाजपा नेता आनंद केड़िया को प्रशासन का कोई भय नहीं रहा और स्थगन आदेश का लगातार अवेहलना करते हुए बेखौफ रुप से भवन निर्माण का कार्य जारी रखा है। हाल ही में इस निर्माणाधीन भवन के ग्राउंड फ्लोर में तीन नग नए शटर लगवाकर न्यायालय के आदेश का खुला अवहेलना करने पर बाज भी नहीं आया। इसकी लिखित शिकायत आवेदक गौरव केशरवानी ने तहसीलदार शिवरीनारायण के न्यायालय में पेशी दिवस 27 जून को किया है। इस शिकायत पत्र में उन्होने आनंद केड़िया के द्वारा न्यायालय के स्थगन आदेश की लगातार अवेहलना करने के लिए उनके विरूद्ध एफ.आई.आर. दर्ज कराने व उनके अवैध निर्माण को तत्काल तोड़ने का निवेदन किया है।लेकिन तहसीलदार द्वारा उन पर कोई ठोस कार्यवाही न कर इस प्रकरण की सुनवाई के लिए आगामी 3 जुलाई को पेशी दे दी गई है। तहसीलदार अविनाश चौहान के इस तरह की रवैये व इस प्रकरण को लंबित रखने से जन सामान्य में तहसीलदार के कार्यशैली पर भी अब संदेह होने लगा है। तहसीलदार के अधीनस्थ हल्का पटवारी के द्वारा इस प्रकरण पर 12 जून को तहसीलदार शिवरीनारायण को प्रस्तुत अपनी पटवारी प्रतिवेदन में भोगहापारा शासकीय भूमि खसरा नं. 629 रकबा 0.121 हे. मे से 70 ×30 वर्ग कड़ी जमीन पर आनंद केडिया द्वारा बेजाकब्जा कर भवन निर्माण किया जाना बताया गया है और इस बेजा कब्जा निर्माण को गंभीरता से लिया। इसके बावजूद भी तहसीलदार इस अवैध भवन को तोड़वाने तथा न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने वाले आनंद केडिया के खिलाफ FIR दर्ज कराने बजाय तहसील न्यायालय में आनंद केड़िया को पेशी के लिए तारीख पर तारीख देकर इस प्रकरण को लंबित किया जा रहा है। अब तक इस प्रकरण पर लगभग 6 पेशी हो चुकी और आगामी पेशी 3 जुलाई तय किया गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुशासन त्यौहार के दौरान में कहा है कि राजस्व प्रकरण में दो-तीन पेशी में प्रकरण का निराकरण करें राजस्व अधिकारी। और उन्हें इसे गंभीरता से लेने की बात कही थी । लेकिन शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर अवैध भवन निर्माण के इस प्रकरण में स्थगन आदेश का आनंद केडिया द्वारा लगातार अवेहलना कर भवन निर्माण का कार्य जारी रखा है। जिसकी लिखित शिकायत के बावजूद तहसीलदार शिवरीनारायण ने इसे न गंभीरता से लिया है और न ही आनंद केडिया के विरूद्ध एफ. आई.आर. दर्ज की है न ही इस अवैध निर्माण को तोड़ा है। इन परिस्थितियों में लोगों को तहसीलदार की कार्यशैली पर संदेह होना लाजमी है। क्योंकि पूर्व में तत्कालीन तहसीलदार द्वारा इसी वार्ड क्रमांक 15 में ही अवैध कब्जा कर मकान बनाने वालों की मकानें ढहाई थी। तो पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने पुराना रपटा घाट के पास एक कश्यप परिवार के द्वारा निर्माणाधीन देवी की मंदिर को ढहाए थे।
वहीं दूसरी ओर वर्तमान नगर पंचायत के अध्यक्ष उनकी टीम और नगर पंचायत के हमले ने भी वार्ड क्रमांक 15 और 12 में बेजा कब्जा कर मकान बनाने वालों के मकानों को धराशाई किए थे। लेकिन आनंद केडिया के इस प्रकरण में नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत उनकी टीम पीछे हट रही है। जबकि नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत के निवास स्थान और आनंद केडिया के अवैध निर्माणाधीन भवन दोनों पास में ही है। इस बेशकीमती भूमि पर आनंद केडिया के द्वारा अवैध बेजाकब्जा पर अध्यक्ष राहुल थवाईत और वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद अंकुर गोयल अंजान बने हुए हैं। इनके द्वारा इस पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है जबकि पूर्ववर्ती परिषद ने नोटिस से ही आनंद कड़िया ने निर्माण कार्य रोक दिए थे।
गौरतलब है कि पूर्व के वर्षों में जांजगीर- चांपा जिले के सिंधी कॉलोनी चांपा के पास एक निजी जमीन पर बेजाकब्जा कर निर्माण करने पर चांपा तहसीलदार डीएस उईके ने काम रोकने के लिए स्थगन आदेश जारी किया।लेकिन इसकी परवाह किए बगैर निर्माण जारी रखा गया। तहसीलदार चांपा ने इसे गंभीरता से लिया और न्यायालय के आदेश की अवहेलना मानते हुए तहसीलदार ने चांपा थाना प्रभारी केपी मरकाम को अपराध दर्ज करने का निर्देश दिए और पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों के खिलाफ धारा 188,34 के तहत जुर्म दर्ज किया। इसी तरह अभी हाल ही में अंबिकापुर में एक विधवा की जमीन हड़पने के आरोप में सरगुजा जिला भाजपा अध्यक्ष , जिला कांग्रेस के महामंत्री, एक वकील सहित सात व्यक्तियों पर सीजेएम कोर्ट ने थाना अंबिकापुर को जांच कर एफ आर आई दर्ज करने निर्देशित किया है।
जन चर्चा है कि जब ऐसी कार्यवाही इन स्थानों पर हो सकती है तब छत्तीसगढ़ की इस महत्वपूर्ण ऐतिहासिक, धार्मिक एवं व्यापारिक नगरी व महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की मूल भूमि शिवरीनारायण के इस चर्चित आनंद केडिया-आलीशान निर्माणाधीन बेजाकब्जा अवैध भवन निर्माण पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हो सकती? अविनाश चौहान तहसीलदार शिवरीनारायण को तहसील क्षेत्र सीमांतर्गत शासकीय भूमियों की सुरक्षा-संरक्षण की संपूर्ण जवाबदारी है। इसलिए इस शासकीय जमीन की अवैध कब्जे को गंभीरता से लेकर आनंद केडिया के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई कर उन पर तत्काल एफआईआर दर्ज शासन व जन हित में करनी चाहिए। ताकि शासकीय भूमि की सुरक्षा संरक्षण पर भविष्य में प्रतिकल प्रभाव न पड़े।
शिवरीनारायण तहसीलदार अविनाश चौहान का कहना है कि आनंद केडिया का मामला न्यायालय में लंबित है। गौरव केशरवानी ने आनंद केडिया व्दारा स्थगन आदेश का अवेहलना करने का शिकायत किया है। जिस पर एसडीएम ने आनंद केडिया को फटकार लगाते हुए उन्हें यथास्थिति बनाए रखने सख्त हिदायत दिए हैं।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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