बिलासपुर। खाद्य एवम औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बाजार में बिकने वाले कई खाद्य सामग्री और कॉस्मेटिक्स दुकानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने 660 किलो खोवा और 35 किलो पनीर को नकली होने के संदेह में जप्त किया है। इसी तरह कॉस्मेटिक्स दुकानों से सेंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा गया है।
नियंत्रक खाद्य एवम औषधि प्रशासन दीपक कुमार अग्रवाल के निर्देश पर जिला बिलासपुर मे प्रातः 5.40 बजे नया बस स्टैंड पहुच कर सघन जाँच पड़ताल करते हुए बाहरी राज्यो से आने वाले खोवा, कुंदा एवं पनीर की जांच की गई। रेलवे परिसर में भी इसी प्रकार जांच अभियान चलाया गया। चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के द्वारा खोवा मंडी गोलबाजार बिलासपुर के विभिन्न फार्मों से 18 खाद्य नमुना संकलन कर जाँच किया गया। जिसमें 02 नमूने अवमानक पाये गये। बिलासपुर से कुल 3 लीगल एवं 01 सर्विलांस नमूना लेकर जाँच मे संदेह के आधार पर 660 किलो खोवा एवं 35 किलो पनीर को जप्त किया गया एवं विक्रय करने से रोक गया।
इसी तरह नकली कॉस्मेटिक्स होने के आशंका में 5 दुकानों से नमूना लेकर जांच के लिए रायपुर प्रयोगशाला भेजी गई है। औषधि निरीक्षक सुनील पंडा ने बताया कि नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर बिलासपुर के तेलीपारा, व्यापार विहार एवं मंगला क्षेत्र में आधा दर्जन कॉस्मेटिक दुकानों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान मेसर्स संतोष जनरल स्टोर्स, व्यापार विहार, मेसर्स नरेश ट्रेडर्स, व्यापार विहार में कॉस्मेटिक का सैंपल जांच हेतु लिया गया। इसी प्रकार मेसर्स मां कॉस्मेटिक एवं जनरल स्टोर, मंगला, मेसर्स मनोज फैंसी एंड स्टेशनरी, मंगला बस्ती एवं मेसर्स आदित्य ट्रेडिंग, तेलीपारा, बिलासपुर में कॉस्मेटिक सैंपल गुणवत्ता जांच हेतु लिए गए। आकाश बैंगल्स एवं कॉस्मेटिक, तेलीपारा में बिना औषधि लाइसेंस के औषधियों का भंडारण प्राप्त हुआ। अनुमानित 30 हजार की औषधि जप्त की गई। आठ तरह की औषधि प्राप्त हुई जो की दो कार्टून के बराबर थी। उनके द्वारा औषधीय का भंडारण पिछले 4 वर्षों से किया जा रहा था। खाद्य एवं औषधि अधिनियम नियमावली 1945 की धारा 18 सी एवं 18 ए का उल्लंघन होता है जिसमें 3 साल की सजा एवं एक लाख रुपए जुर्माना का प्रावधान शामिल है। बाजार में नकली कॉस्मेटिक का भी प्रचलन होने की सूचना होने पर आकस्मिक जांच की गई। सहायक औषधि नियंत्रक भीष्म देव सिंह कंवर एवं नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन का उक्त कार्यवाही में प्रमुख मार्गदर्शन एवं योगदान रहा। जांच टीम में औषधि निरीक्षक सुनील पंडा, श्रीमती सोनम जैन, अश्विनी कुमार, आशीष कुमार पांडे, कामेश्वरी पटेल एवं श्रीमती नीलिमा साहू शामिल थीं।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरMarch 24, 2026बिलासपुर के पोल्ट्री फार्म में फैला बर्ड फ्लू, 5 हजार से अधिक मुर्गे -मुर्गियों की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप
बिलासपुरMarch 24, 2026वन्य-ग्राम सोनाखान में ‘युवोजल उत्सव’ के तहत जल संरक्षण एवं स्वच्छता को लेकर युवाओं की अनूठी पहल
राष्ट्रीयMarch 24, 2026सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, धर्म परिवर्तन के बाद नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, किस मामले को लेकर दिया फैसला, पढ़े खबर…
बिलासपुरMarch 23, 2026करगी में मोहन पांडेय की हत्या : 6 आरोपी गिरफ्तार, होली में लकड़ी चोरी करने पर हुआ था विवाद
