शिवरीनारायण। नगर पंचायत शिवरीनारायण के अध्यक्ष राहुल थवाईत सहित 11 पार्षद भाजपा से हैं और राज्य एवं केन्द्र में भी भाजपा की सरकार है। इसलिए लोगों को यह विश्वास जगी थी कि इस ट्रिपल इंजन की सरकार में धार्मिक नगरी शिवरीनारायण के विकास में तेजी आएगी। नए परिषद के गठन को लगभग 5 माह हो गए। लेकिन अभी तक नगर के विकास कार्य को गति मिलना तो दूर धर्मनगरी की ढ़ंग से सफाई भी नही हो पा रही है। इन परिस्थितियों में इन दिनो नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा सीएमओ पर मनमानी और खरीदी में भ्रष्टाचार करने का आरोप सोशल मीडिया में लगाते फिर रहे हैं। सीएमओ पर सोशल मीडिया के माध्यम से अध्यक्ष द्वारा 15वें वित्त आयोग की राशि से मनमानी कीमत पर सामग्री क्रय करने का प्रयास करना बताया जा रहा है। नपं. अध्यक्ष के इन आरोपों की पड़ताल के लिए नगर पंचायत पहुंच कर सीएमओ से जानकारी ली गई।तो उन्होने नगर पंचायत अध्यक्ष के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि राज्य शासन द्वारा 15 वे वित्त आयोग मद अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मद (टाईड ग्रांट) के तहत निकाय के पास उपलब्ध राशि 27.39 लाख रूपये के संबंध में प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाने का निर्देश है।जिसके परिपालन में पूर्ववर्ती प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक दिनांक 26.09.2024 के प्रस्ताव एवं संकल्प क्रमांक 05 में कुल 07 प्रकार के सामाग्रियां यथा स्टील डस्टबीन 12 नग, व्हील बैरो 19 नग, ई-रिक्शा 02 नग, आटो टिप्पर 01 नग, ट्रेक्टर ट्राली 01 नग, सैनेटरी नेप्कींन इन्सिनेंटर मशीन 02 नग एवं हैण्ड ड्रायर 01 नग क्रय किये जाने का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति हेतु राज्य शासन की ओर प्रेषित किये जाने का निर्णय लिया गया। पीआईसी के निर्णय अनुरूप निकाय द्वारा समस्त सामाग्रियों की आवश्यकता का प्रतिवेदन, निकाय में उपलब्ध वाहन एवं स्वच्छता उपकरण की जानकारी एवं सामाग्रियों के स्पेसीफिकेशन की जानकारी संलग्न कर राज्य शासन को कार्यालय के पत्र क्र. 804 दिनांक 17.10.2024 के माध्यम से प्रस्ताव प्रेषित किया गया। निकाय द्वारा प्रेषित प्रस्ताव को राज्य शासन द्वारा स्वीकृत कर संदर्भित पत्र संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास नवा रायपुर अटल नगर छ.ग. द्वारा जारी प्रशासकीय स्वीकृति पत्र क्रमांक/9418 दिनांक 11.12.2024 के द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
00 निविदा समिति से दर स्वीकृत है
राज्य शासन से प्राप्त स्वीकृति उपरांत उक्त सामाग्रियों को क्रय किये जाने हेतु सभी सामग्रियों को पृथक-पृथक जेम पोर्टल के माध्यम से आनलाईन बीड जारी किया गया। जिसमें सामाग्रियों हेतु न्यूनतम 03 फर्मों से दरें प्राप्त हुई है। प्राप्त दरों के तुलनात्मक विवरण निविदा समिति की बैठक दिनांक 13.02.2025 में रखा गया।जिसे राज्य शासन द्वारा स्वीकृत राशि के अंतर्गत तथा निकाय को कोई अतिरिक्त राशि व्यय का भार वहन नही करना होगा बताते हुए निविदा समिति द्वारा न्यूनतम दरों की स्वीकृति की अनुसंशा सर्व सम्मति से प्रदान की गई है। निविदा समिति की अनुसंशा अनुरूप न्यूनतम दर की स्वीकृति हेतु पीआईसी की बैठक दिनांक 26.03.2025 में प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। बैठक के दौरान कांसिल के सदस्यों द्वारा उक्त सामाग्रियों को क्रय किये जाने के संबंध में प्राप्त न्यूनतम दरों की स्वीकृति के संबंध में सकारात्मक चर्चा हुई किन्तु अंतिम निर्णय नही लिया गया।सीएमओ ने बताया की उक्त बैठक संपन्न होने के पश्चात समय-समय पर अध्यक्ष एवं पीआईसी के सदस्यों से प्राप्त न्यूनतम दरों के संबंध में पीआईसी लिपिक एवं स्वयं मेरे द्वारा चर्चा की गई। किन्तु पीआईसी के द्वारा बैठक दिनांक से लगभग 02 माह बीत जाने के पश्चात दिनांक 26.05.2025 को प्राप्त न्यूनतम दरों को बाजार में प्रचलित दर से अधिक बताते हुए निरस्त कर वर्तमान आवश्यकता के अनुरूप नियमानुसार सामाग्री क्रय किये जाने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय में अनुसार वर्तमान परिषद ने जिन सामग्रियों की आवश्यकता है,उसका उल्लेख भी नही किया है।
00 21 दिन के भीतर परिषद को लेना होता है निर्णय
उक्तानुसार लेख है कि छ.ग. नगरपालिका (मेयर इन कांसिल/ प्रेसिडेंट इन काउंसिल के कामकाज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियां एवं कर्तव्य) नियम 1998 के नियम 8 (क) के अनुसार केन्द्र व राज्य शासन द्वारा प्रायोजित योजनाओं में जहां भी राज्य शासन की प्रशासनिक स्वीकृति अपेक्षित हो, यह शक्ति यथा स्थिति निगम या परिषद या नगर पंचायत में व्यवस्थित होगी और ऐसी स्वीकृति 21 दिनों के समय सीमा के भीतर प्रदान करनी होगी। यदि किसी भी कारण से यथा स्थिति निगम या परिषद या नगर पंचायत उक्त समय सीमा के भीतर प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने में विफल होता है तो ऐसे प्रकरणों में प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने की शक्ति जिला कलेक्टर में वेष्टित होगी। तथा यथा स्थिति आयुक्त या मुख्य नगर पालिका अधिकारी प्रस्ताव पर जिला कलेक्टर से स्वीकृति प्राप्त करेंगें और ऐसी स्वीकृति यथास्थिति निगम या परिषद या नगर पंचायत द्वारा प्रदत्त स्वीकृति मानी जावेगी। उक्तानुसार केन्द्र प्रायोजित योजना 15 वे वित्त आयोग अंतर्गत निकाय के ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन व्यवस्था हेतु सामाग्री क्रय किये जाने शासन के निर्देशानुसार जेम पोर्टल के माध्यम से विधिवत प्राप्त दरों को तकनीकी एवं प्रशासनिक अधिकारियो की गठित निविदा समिति की अनुशंसा को ही प्रेसिडेंट इन काउंसिल द्वारा अस्वीकृत कर दिया गया।
00 यह प्रकरण संयुक्त संचालक के कार्यालय में अग्रिम कार्यवाही हेतु विचाराधीन है
उक्त प्रकरण में छ.ग. नगरपालिका (मेयर इन कांसिल/प्रेेसिडेंट इन काउंसिल के कामकाज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियां एवं कर्तव्य) नियम 1998 के नियम 8 (क) में उल्लेखित प्रावधानों के आधार पर अग्रिम कार्यवाही हेतु कलेक्टर महोदय की ओर नस्ती प्रेषित की जानी थी।किन्तु इससे पूर्व संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर (छ.ग.) के द्वारा उक्त संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने निर्देश किए गये। जिसके परिपालन में मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा संयुक्त संचालक की ओर कार्यालयीन पत्र क्र. 218/न.पं./शि.ना./2025-26 शिवरीनारायण दिनांक 03.06.2025 के माध्यम से प्रतिवेदन अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई है। यह प्रकरण उच्च कार्यालय में विचाराधीन होने के बावजूद परिषद की विशेष बैठक दिनांक 11.07.2025 में प्रस्ताव एवं संकल्प क्र. 11/3 में चर्चा हुई। इस विशेष बैठक के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा प्रकरण उच्च कार्यालय में विचाराधीन होने की जानकारी परिषद को दी गई। उच्च कार्यालय में प्रकरण लंबित होने की स्थिति में स्थानीय स्तर पर किसी प्रकार का निर्णय लिया जाना न तो उचित और न ही विधि सम्मत है ।
00 कौन कर रहा है गड़बड़ी ?
नगर में यह चर्चा सरगर्म है और कुछ समाचार पत्रों में छपी खबर के अनुसार 15 वित्त आयोग मद की राशि से सामग्री क्रय को लेकर अध्यक्ष और सीएमओ ने एक दूसरे पर आरोप मढ़ते हुए उच्च कार्यालय को उपजी परिस्थितियों से अवगत कराया है। इसे लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है नागरिक चाहते है कि उच्च कार्यालय यथाशीघ्र वास्तविकता का पटाक्षेप करें और दोषियों पर विधिवत कार्रवाई सुनिश्चित किया जाए चाहे वे नगर पंचायत के अध्यक्ष हो या सीएमओ।
क्या कहते है जिम्मेदार :-
जेम पोर्टल (गवर्नमेंट ई-मार्केट) केन्द्र सरकार द्वारा विभिन्न शासकीय विभागो/अर्द्ध शासकीय संस्थाओं में आवश्यक सामाग्रियों के क्रय हेतु अधिकृत पोर्टल है, तथा राज्य शासन द्वारा राज्य के विभिन्न विभागों हेतु आवश्यक सामग्रियों का क्रय जेम पोर्टल के माध्यम से ही क्रय किये जाने का निर्देश हुआ है। नगर पंचायत शिवरीनारायण में 15 वे वित्त आयोग मद से राज्य शासन द्वारा स्वीकृत दर पर जेम पोर्टल के माध्यम से समाग्री क्रय की कार्यवाही की जा रही है। उक्त प्रकरण में नपं अध्यक्ष व्दारा मुझ पर नगरवासियों से धोखाधड़ी करने, गुमराह करने एवं पैसे का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया गया है जो पूर्णतः आधारहीन है नगर पंचायत अध्यक्ष को शासन प्रशासन के नियम व शर्तो को बताया जाता है उसके बावजूद उन लोगों के व्दारा परिषद में मनमाने निर्णय लेते हैं और मूझे उसके अनुरूप काम करने के लिए दबाव डाला जाता है जो मुझसे नही होगा।
राकेश साहू , मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत शिवरीनारायण
वर्जन- मीडिया को दिए बयान अनुसार सीएमओ व्दारा सामान खरीदी में अनियमितता की जा रही है । बाजार मूल्य से तीन गुना अधिक दर पर सफाई समाग्री खरीदने का प्रयास किया जा रहा जिसे परिषद ने निरस्त कर दिया है । इसकी शिकायत उच्च कार्यालय को की गई है ।
राहुल थवाईत ,अध्यक्ष नगर पंचायत शिवरीनारायण
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