शिवरीनारायण। धार्मिक नगरी में लंबे समय से चल रही अवैध रेत खनन और डंपिंग पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में नवपदस्त हुए तहसीलदार टिकेंद्र नूरुटी ने कार्यभार संभालते ही नगर में चल रहे अवैध गतिविधियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में बैराज मोड़ के पास शासकीय भूमि में बड़ी मात्रा में हो रही अवैध रेत डंपिंग पर उन्होंने औचक कार्रवाई कर नगर पंचायत जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता को उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार नगर के बैराज मोड़ के समीप विगत दिनों से अवैध रूप से रेत का भंडारण किया जा रहा था। यह कार्य नगर पंचायत के ही कुछ प्रभाव शाली जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से किये जाने की चर्चा है। सोमवार को मुखबिर से सूचना मिलने पर तहसीलदार नूरुटी अपनी राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एक जेसीबी मशीन और हाइवा वाहन के माध्यम से रेत की ढुलाई और डंपिंग का कार्य जारी था जिसे उचे दामों में बेचने की फिराक में थे। मौके पर उपस्थित व्यक्तियों से जब तहसीलदार ने रेत डंपिंग और मशीन संचालन के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी वैध अनुमति पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे स्पष्ट हो गया कि रेत का भंडारण पूरी तरह से अवैध था और शासन की खनिज नीति के विपरीत था। तहसीलदार ने मौके पर ही रेत डंपिंग को रुकवाते हुए संबंधित वाहनों को जब्त कर थाना के सुपुर्द कर दिया। इसके साथ ही अवैध खनन से जुड़े लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध खनिज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से नगर में हड़कंप मच गया है। आम जनता में प्रशासन की तत्परता और निष्पक्षता को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। विगत दिनों से जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में चल रही अवैध रेत डंपिंग को रोकने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने भी तहसीलदार के इस निर्णय की सराहना की है। सूत्रों की मानें तो इस प्रकरण में नगर पंचायत के कुछ जनप्रतिनिधियों के नाम सामने आ रहे है। जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अवैध खनन गतिविधियों में लिप्त हैं। तहसील प्रशासन द्वारा इस मामले की गहन जांच की जा रही है,और निकट भविष्य में और भी नामों का खुलासा हो सकता है। तहसीलदार टिकेंद्र नूरुटी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शिवरीनारायण क्षेत्र में अवैध खनन और रेत डंपिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता और कड़े नियंत्रण के साथ कार्य किया जाएगा, ताकि राजस्व की हानि को रोका जा सके और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित हो सके। नगरवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन की यह सक्रियता आगे भी जारी रहेगी और अवैध कार्यों में लिप्त प्रभाव शाली लोगों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी यह कार्रवाई एक उदाहरण बनकर सामने आई है कि यदि प्रशासन चाहे तो कानून से ऊपर कोई नहीं है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरFebruary 2, 20266000 करोड़ महादेव सट्टा कांड की परछाईं फिर लौटी, कांकेर का हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड, DGP ने दो जिलों के SP को निगरानी बढ़ाने और सतर्कता बढ़ाने दिए निर्देश
बिलासपुरFebruary 2, 2026नेशनल हाईवे में लूट, 4 आरोपी गिरफ्तार, 3 कार, 7 मोबाईल और 8000 रू नगद जप्त, पीड़ित के खिलाफ भी होगा जुर्म दर्ज…
बिलासपुरFebruary 1, 2026माघी पूर्णिमा स्नान के साथ छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे बड़ा मेला शुरू, रात भर चला भजन- कीर्तन
बिलासपुरFebruary 1, 202634 ग्राम हेरोइन के साथ तीन युवक गिरफ्तार, पंजाब के तरनताल से हो रही थी सप्लाई
