शिवरीनारायण। मिनी भारत कहे जाने वाले औद्योगिक तीर्थ भिलाई में साहित्य कला संस्कृति की बहुगायामी संस्था चिन्हारी के रजत जयंती वर्ष पर आयोजित भव्य व ऐतिहासिक समारोह राम की माता कौसल्या की जन्मभूमि कोसला पर ही केंद्रित रहा।
शिवरीनारायण- बिलासपुर मार्ग पर जांजगीर-चांपा जिला अंतर्गत पामगढ़ तहसील मुख्यालय से पूर्वोत्तर 10 किलोमीटर दूर स्थित पावन धाम में माता कौसल्या का ब्रह्म मुहूर्त में पूजन अर्चन कर कोसला से भिलाई पहुंचे 200 से ज्यादा ग्रामवासियों और अंचल की बुद्धिजीवी वर्ग के बीच समारोह के मुख्य अतिथि दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि कोसला के महात्म्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर इसे केंद्र सरकार की धार्मिक पर्यटन स्थल विकसित करने की महत्वाकांक्षी प्रसाद योजना के अंतर्गत विकसित करने हेतु निवेदन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना भोरमदेव को मिल गया और डोंगरगढ़ को मिल गया तो कोसला को क्यों मिलना नहीं चाहिए? इस हेतु इस योजना का पहल करना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने मंचस्थ अतिथियों और दर्शक-दीर्घा बैठे प्रबुद्ध जनों से पूछा कि अयोध्या में श्री राम जी की भव्य मंदिर बना है तो कोसला में उनकी माता कौसल्या का भव्य मंदिर का निर्माण मां की जन्मभूमि कोसला में होना चाहिए कि नहीं तो, सभी ने एक स्वर से कोसला में माता कौसल्या का मंदिर बनना चाहिए,का गगन भेदी उद्घोष किया। सांसद विजय बघेल ने कहा मां कौसल्या की जन्मभूमि कोसला में मां कौसल्या का भव्य मंदिर का बनना चाहिए और अयोध्या में निर्मित उनके पुत्र श्री राम जी की भव्य व दिव्य मंदिर से भी बड़ा मंदिर।
बघेल की इस बात से तो श्री राम की जय, माता कौशल्या की जय, माता कौशल्या जन्मभूमि कोसला धाम की जयकारे से पूरे हाल गुंजायमान हो गया और पूरा वातावरण कोसला-मय हो गया। सभी में अनायास खुशियां व्याप्त हो गईं। इस ऐतिहासिक गरिमामय समारोह में सांसद विजय बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि मां कौशल्या के भी मंदिर निर्माण की शुरुआत होनी थी। हम लोगों से चुक हुई और सरकार से तो चुक हुई है, हम लोगों से चुक हुई। हम लोग इस बात को ताकत से हिम्मत से नहीं उठा सके, ये हम लोगों की गलती है, सरकार की है नहीं। और चूंकि अब डबल इंजन की सरकार है। जिस भावना को केंद्र सरकार रखती हैं वही भावना राज्य सरकार भी रखती है।
तो हमारा कर्तव्य है इस दिशा में हम सबको पहल करना है और मैं तो कहता हूं कि सौभाग्य का क्षण किस्मत वालों से मिलता है। हो सकता है यह हमारे सौभाग्य में ही हो, ऐसा लिखा होगा। इसीलिए आज तक यह नहीं हुआ है, ऐसा मैं समझता हूं। इस काम को हम लोग निश्चित रूप से मिलकर पूरा करेंगे। प्रधानमंत्री जी तो हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं हर क्षेत्र के मान-सम्मान हो, हमारे गौरव और हमारे भूले बिसरे याद उसे किस ढंग से समाज में लाना है। उसी दिशा में प्रधानमंत्री जी के अकल्पनीय सोच अद्वितीय सोच है। हम लोग तो कभी-कभी चकित हो जाते हैं और हम लोगों को सौभाग्य मिला है।अब हम इस बात को जाकर रखेंगे और वहां सरल सहज सांसद बहिनी है, सांसद कमलेश जांगड़े उसको साथ लेकर जाएंगे। और जरूरत पड़ने पर सभी 10 सांसद भाजपा वाले को भी ले जाएंगे। प्रधानमंत्री जी प्रसाद योजना चला रहे हैं जिसमें ऐसे ढंग से बहुत से पुरातत्व जो हमारे धरोहर है उसे कैसे विकसित करना है, इस पर उनकी अद्वितीय सोच है। हमारा कर्तव्य है कि निश्चित रूप से इस पर पहल करेंगे। यह योजना भोरमदेव को मिल गया,यह योजना डोंगरगढ़ को मिल गया तो क्यों कोसला को नहीं मिलना चाहिए। इस पर हम लोग मिलकर काम करेंगे।
00 समारोह का शुरुआत मानस गान से आईसीएआई भवन अपेक्स बैंक के बाजू सिविक सेंटर में हुए इस ऐतिहासिक आयोजन की शुरुआत सभी अतिथियों का सम्मान गुलदस्ता, धान की झालर के साथ किया गया। इसके पहले रामचरितमानस की चौपाइयां प्रस्तुत की गई अपने स्वागत उद्बोधन में समारोह संयोजक और बहु आयामी संस्था चिन्हारी के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद पारकर ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ी पाठ्यक्रम शुरू करवाए जाने के प्रयासों का विशेष रूप से उल्लेख किया।उन्होंने माता कौसल्या की जन्मभूमि का उल्लेख करते हुए इसे सब के लिए गौरव बताते हुए इसके महत्व को देश दुनिया के सामने लाने की जरूरत बताई।इस आयोजन में माता कौसल्या की जन्मभूमि कोसला से आए लोगों का विशेष सबसे सम्मानित किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर माता कौसल्या की जन्म भूमि कोसला से आए लोगों का विशेष रूप से सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि बघेल जी को कोसला वासियों ने प्रधानमंत्री के नाम कोसला में माता कौसल्या की भव्य मंदिर निर्माण हेतु ज्ञापन सौंपा तथा सभी अतिथियों को माता कौशल्या जन्म भूमि कोसला मंदिर का स्मृति चिन्ह से भेंट किया।
00 कौसल्या जन्मभूमि कोसला- ग्रंथ का विमोचन आयोजन हाल ही में ब्राजील में संपन्न वृक्ष शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर दुर्ग सांसद विजय बघेल को चिन्हारी सम्मान 2025 से विभूषित किया गया और कार्यक्रम के संयोजक व चिन्हारी साहित्य समिति के प्रदेश अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद पारकर के संपादन में प्रकाशित माता कौसल्या जन्मभूमि कोसला ग्रंथ का विमोचन दुर्ग सांसद विजय बघेल और अतिथियों के द्वारा होते ही पूरे हाल में श्री राम और माता कौशल्या की करतल ध्वनि से जयकारे पूरे हाल में गूंज गया। सांसद विजय बघेल ने इस दौरान सम्मान के लिए आयोजक का आभार जताते हुए कहा कि माता कौसल्या का अटूट संबंध दक्षिण कौसल एवं उत्तर कौसल दोनों से रहा है उन्होंने कहा कि जिस मां ने भगवान राम को जन्म दिया उनके जन्म स्थान का महत्व भी दुनिया को पता चलना चाहिए। इस अवसर उन्होंने कहा भगवान राम का मंदिर बन गया अब माता कौसल्या के मंदिर की जिम्मेदारी भी हमारी है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर निवेदन करेंगे।उन्होंने कहा कि वह छत्तीसगढ़ के सांसदों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और उन्हें तमाम तथ्यों से अवगत कराएंगे। विशिष्ट अतिथि दुर्ग महापौर अलका बाघमार ने कहा कि माता कौसल्या का भव्य मंदिर उसकी जन्मभूमि कोसला गांव में जरूर बनना चाहिए। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय बिलासपुर हिंदी विभाग के डॉ.राजकुमार सचदेव और विभागाध्यक्ष राजनीति शास्त्र प्रोफेसर बृज किशोर त्रिपाठी ने भी अपनी बात रखी।
00 शोधपत्र में ऐतिहासिक तथ्यों से कराया रूबरू आयोजन में श्री राम की माता कौसल्या की जन्म भूमि कोसला ग्रंथ पर अकादमी शोध पत्र का वाचन किया गया । जिसमें पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर हिंदी विभाग अध्ययन मंडल के पूर्व अध्यक्ष डॉ.राजेश श्रीवास का वक्तव्य लोक जीवन में कौसल्या विषय पर, भारतीय विश्वविद्यालय दुर्ग की छत्तीसगढ़ी-हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. विद्यावती चंद्राकर का वक्तव्य माता कौसल्या की जन्म भूमि कोसला की पौराणिक मान्यताएं विषय पर और शिवरीनारायण के डॉ. शांति कुमार कैवर्त्य का वक्तव्य माता कौसल्या जन्मभूमि कोसला का ऐतिहासिक सत्यांवेषण विषय पर हुआ। इन सभी ने भी माता कौशल्या की भव्य मंदिर कोसला में बनने पर जोर दिया। इस अतुलनीय आयोजन से निश्चित ही अब राम का ननिहाल गांव कोसला धाम विश्व क्षितिज पर उभरेगा और छत्तीसगढ़ की सदियों पुरानी परंपरा मामा-मामी द्वारा भांजे-भांजियों के पांव पखारने की प्रथा भांजा राम के चरण-रज की धूल से छत्तीसगढ़ के मामा-मामियों के माथे पर सदैव दैदीप्यमान होता रहेगा।
00 सम्मान निधि और वस्त्र भेंट कर किया सम्मान
आयोजन में अनुरोध पत्र का वाचन मेनका वर्मा ने किया वहीं चिन्हारी सम्मान से विभूषित सांसद विजय बघेल के सम्मान-पत्र का वाचन डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने किया और जीवन परिचय का वाचन कमलेश्वर प्रसाद निषाद ने किया इस अवसर पर सभी अतिथियों को सम्मान निधि, श्रीफल और वस्त्र भेंटकर चिन्हारी परिवार की ओर से सम्मानित किया गया। अतिथियों का स्वागत मुख्य रूप से डुमन लाल ध्रुव, मनीष यादव,कुलेश्वर निषाद, शैलेंद्र शिंदे, चेतन पारकर,ध्रुपद निषाद , रिखी क्षत्रिय, पवन निषाद , गमलियाल ग्राहम, भारत राणा,महेंद्र भक्ता, हर्ष देवांगन, बद्री कैवर्त,डीपी देशमुख, मुकुंद पारकर,शैलेंद्र पारकर और पारस कैवर्त सहित अन्य लोगों ने किया। मंच संचालन डॉ. गणेश कौशिक ने और आभार प्रदर्शन डुमन लाल ध्रुव धमतरी ने व्यक्त किया।
Author Profile

Latest entries
राष्ट्रीयMarch 24, 2026सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, धर्म परिवर्तन के बाद नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ, किस मामले को लेकर दिया फैसला, पढ़े खबर…
बिलासपुरMarch 23, 2026करगी में मोहन पांडेय की हत्या : 6 आरोपी गिरफ्तार, होली में लकड़ी चोरी करने पर हुआ था विवाद
बिलासपुरMarch 23, 2026पूर्व महापौर पर घर में बुलडोजर चलवाने और जमीन हड़पने का आरोप, पूरा परिवार आ गए है सड़क में, पुलिस FIR भी नहीं लिख रही
बिलासपुरMarch 23, 2026अब लैलूंगा में मिला अफ़ीम की अवैध खेती, दो गिरफ्तार, लीलुंगा से मिला खेती के लिए बीज
