आधा गांव पानी में डूबा, सिस्टम लापता, नाले में बहे बच्चे का शव मिला

बिलासपुर। भारी बारिश से पूरे जिले की व्यवस्था चरमरा गई है। शहर से लेकर गांव तक बस्तियों में पानी भर गया है। सोन गांव की आधी बस्ती बारिश की पानी में गोता लगा रहा है और शहर में पानी लोगों के घरों घुस गया है। विडंबना तो ये है कि अधिकारी – कर्मचारी मौके से नदारत है। दो दिन पहले सीपत के तुंगन नाले में बहे बच्चे का शव मिल गया है।

बड़े बड़े दावों के बीच बारिश ने प्रशाशन की पोल खोल दी है। बाढ़ नियंत्रण के लिए की गई पूरी व्यवस्था केवल ढकोसला साबित हो रही है। बारिश के बाद शहर की व्यवस्था तो सब देख ही रहे है। कालोनियों में नाव चलाने की नौबत आ गई है। अरबों रुपए खर्च कर बनाए गए नाले कौड़ी काम के नहीं है। यही कारण है कि बाढ़ का पानी घरों में घुस चुका है। लोग या तो घर छोड़ने के लिए मजबूर है या फिर रतजगा कर रहे है। गांवों की हालत भी बदतर है। मस्तूरी विकासखंड का अंतिम गांव सोन की आधी बस्ती बाढ़ की चपेट में है। यहां 55 से अधिक घर पानी में डूब गए है। लोग अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने के लिए मजबूर है। विडंबना ये है कि आधी बस्ती में बनी भरा हुआ है लेकिन पटवारी, तहसीलदार और SDM नदारत है। ग्रामीण भगवान भरोसे है। ग्रामीण अधिकारियों को फोन पर सूचना दे रहे है। इसके बाद भी मौके में जाना उचित नहीं समझ रहे है। सब एक दूसरे को फोन से केवल निर्देश दे रहे है। सोन गांव की पूरी व्यवस्था कोटवार और सरपंच के भरोसे चल रहा है। इसी बीच दो दिन पहले सीपत क्षेत्र के तुंगन नाला में बहे बच्चे का शव बरामद कर लिया गया है। घटना स्थल से 500 मीटर दूर बच्चे का शव झाड़ी में फंसा हुआ था। SDRF की टीम ने दो दिन पसीना बहाने के बाद बरामद शव को परिजन को सौंप दिया है। आपको बता दे खम्हरिया का एक परिवार हरेली के दिन वेगनआर कार से सीपत क्षेत्र के शिव शक्ति पीठ मंदिर दर्शन के लिए गया था। लौटते समय झलमला के तुंगन नाले में उनकी कार तेज बहाव में फंस गई। कार में सवार कुल 9 लोगों में से 8 को ग्रामीणों और की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। लेकिन 3 साल का एक मासूम नाले में बह गया।
घटना की जानकारी मिलते ही SDRF की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। नाले के तेज बहाव और नाले में उफान होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद टीम ने लगातार 43 घंटे तक क्षेत्र की छानबीन की। अंततः शनिवार को मासूम का शव नाले से लगभग 500 मीटर दूर एक झाड़ी में फंसा मिला। शव का पंचनामा करके परिजन को सौंप दिया गया है।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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