दुर्ग। जिले के पाटन समेत दो गांव के पटवारी को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा 18 पटवारियों को कलेक्टर ने नोटिस जारी किया है। जिले लगभग 800 एकड़ सरकारी और निजी जमीन का घालमेल सामने आया है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है। भू-माफियाओं ने भुइयां ऐप में पटवारी की आईडी हैक कर 765 एकड़ सरकारी और निजी जमीन की बंदरबांट की है। जिल के मुरमुंदा पटवारी हल्का के चार गांव जिसमें मुरमुंदा, अछोटी, चेटुवा और बोरसी में इस घोटाले को अंजाम दिया गया। भू-माफियाओं ने न केवल जमीनों को फर्जी तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम पर नामांतरण किया है। यही नहीं जमीन नामांतरण होते ही सरकारी जमीन को बैंक में गिरवी रखकर करोड़ों रुपये का लोन भी लिया गया है। इससे स्पष्ट है कि पूरा घोटाला सुनियोजित तरीके से प्लान बनाके की गई है। यहां जमीन घोटाला तो है लोन घोटाला भी साथ है।
जिला प्रशासन को जानकारी मिलते ही इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो पटवारियों पाटन के मनोज नायक और मुरमुंदा के कृष्ण कुमार सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 18 पटवारियों का दूसरे हल्कों में तबादला कर दिया गया है। जांच में पता चला है कि मुरमुंदा हल्का क्रमांक 16 के पटवारी की आईडी हैक कर इस घोटाले को अंजाम दिया गया। दुर्ग संभाग के आयुक्त सत्यनारायण राठौर के अनुसार लगभग 765 एकड़ जमीन में हेराफेरी की गई है। जिसे धारा 115/16 के तहत दर्ज कर सुधार लिया गया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस जमीन घोटाले के तार रायपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा समेत कई जिलों से जुड़े हैं। बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन ने मामले की जानकारी राज्य सरकार के भू-राजस्व अभिलेख शाखा के आयुक्त को दी, जिसके बाद विभाग ने गहन जांच शुरू की।
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