शिवरीनारायण। त्रेता युगीन रामायण कालीन शिरोमणि भक्त माता शबरी की जन्मभूमि,भगवान जगन्नाथ स्वामी का मूल भूमि तथा भोगहापारा अवस्थित धन्य धान्य की अधिष्ठात्री अन्नपूर्णा देवी की पावन धरा शिवरीनारायण में लगने वाले छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा ऐतिहासिक-धार्मिक माघी पूर्णिमा मेला की तर्ज पर इस वर्ष से शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर यहां नवरात्रि दशहरा मेला 22 सितंबर से प्रारंभ हो रहा है। इसकी तैयारियां जिला प्रशासन व नगर पंचायत के द्वारा की जा रही है। इस मेले को लेकर कलेक्टर , पुलिस अधीक्षक काफी गंभीर हैं। इस अनुपम मेले की तैयारी के संबंध में जांजगीर एसडीएम ने पिछले दिनों शिवरीनारायण नगर पंचायत के सभागार में समीक्षा बैठक की। साथ ही 18 सितंबर को संध्या बेला पर जिला कलेक्टर ने भी मेले की तैयारी व दुर्गा पंडाल की जायजा ली। उनके साथ जांजगीर एसडीएम सुब्रत प्रधान,छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर के सदस्य चंद्रकांत तिवारी, नगर पंचायत अध्यक्ष राहुल थवाईत, वार्ड 10 पार्षद प्रतिनिधि गौरव केसरवानी पार्षद सुधांशु तिवारी आदि गणमान्य नागरिक थे।
श्री दुर्गा उत्सव समिति द्वारा मां दुर्गा महोत्सव के लिए लगभग एक करोड़ रुपए राशि का प्रावधान रखा गया है। जिसमें दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर मां दुर्गा पूजन महोत्सव के लिए विशाल व भव्य डोम पंडाल बनाया जा रहा है तथा 25 फीट की मां दुर्गा की मूर्ति सहित अनेक मूर्तियां स्थापित की जा रही है। समिति द्वारा इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए लाखों रुपए राशि की विभिन्न सामग्रियां इनाम हेतु रखा गया है। इसे लेकर जनमानस काफी उत्साहित है।
नगर पंचायत द्वारा मेले में आने वाले व्यवसाईयों को भूमि आवंटन किया जा रहा है। मेले में अनेक दुकानें सज गई है। मेले में अनेक प्रकार की मनोरंजन के संसाधन भी लग रही है । बच्चों और युवकों को लुभाने वाले झूले भी लग गए हैं। इसे लेकर बच्चे और युवतियां काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
वही भगवान श्री शिवरीनारायण का आकर्षण श्रृंगार किया जा रहा है तथा नगर के मुख्य मंदिर सहित अन्य सभी मंदिरों की साफ सफाई रंग-रोगन भी की गई है तथा झालर लाइटिंग की भी व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालुओं का मंदिर दर्शन हेतु भी उचित व्यवस्था की जा रही है। जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार से परेशानियों का सामना करना न पड़े। मेले में आने वाले लोगों के सुरक्षा के लिए पुलिस बल की अच्छी खासी व्यवस्था की जा रही है। साथ ही मेले में चिकित्सा,विद्युत, पेयजल आदि की भी उचित व्यवस्था की जा रही है। नगर के विद्युत खंभों में लाइट लगाई जा रही है साथ ही नगर के गली-सड़कों व चौंक-चौराहों की साफ सफाई जारी है। एसडीएम जांजगीर ने मेले की समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारों को मेले हेतु उचित और पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिए हैं।
00 अब वर्ष में दो बार लगेंगे भव्य व विशाल मेला गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक, धार्मिक ,आध्यात्मिक एवं व्यापारिक नगरी में पुरातन काल से इस प्रदेश का सबसे बड़ा माघी पूर्णिमा मेला भरते आ रहा है यहां छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा मंदिर भगवान नर नारायण जी का है, जिसके मंदिर शिखर पर 11 फुट स्वर्ण कलश जड़ित सूर्य देव प्रकाशवान है। यह सनातन धरा छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी श्री राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना का मुख्य केंद्र बिंदु है जहां छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से भी पर्यटक काफी संख्या में आते हैं। प्राकृतिक छटा से भरपूर मेला मैदान के पास महानदी के तट पर अत्यंत आकर्षक निर्मित चौपाटी पर पर्यटक सैर करते हुए और आराम फरमाते हुए चित्रोत्पला-गंगा संगम का अनुपम छटा का भरपूर आनंद लेते हैं वही महानदी पर अनेक रंग-बिरंगे नौका पर पर्यटक नौका-विहार का आनंद लेते हैं। जहां केरल और अमेजन की वनांच्छादित-जलियमय प्राकृतिक सौंदर्यता का एहसास कर रोमांचित होते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण रामायणकालीन धरा पर अब वर्ष में दो बार भव्य व विशाल 15 दिवसीय माघी पूर्णिमा मेला एवं शारदीय नवरात्रि पर्व पर 10 दिवसीय नवरात्रि दशहरा मेला लगेंगे।
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