केंद्र ने लिया 50 हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन आयात करने का निर्णय, ऑक्सीजन की ज्यादा मांग वाले राज्यों की होगी मैपिंग

नई दिल्ली। ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए सरकार ने 3 बड़े फैसले लिए है। जिसमे 50 हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन आयात करने और ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा मांग वाले 12 राज्यों की मैपिंग करने के अलावा पीएसए संयंत्रों के लिए 100 और अस्पतालों की पहचान करना शामिल है।

देश में कोरोना के मामलों में आई जबर्दस्त तेजी के बीच सरकार के अधिकार प्राप्त समूह इम्पावर्ड ग्रुप 2 (EG2) ने आज गुरुवार को आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और ऑक्सीजन की उपलब्धता को लेकर समीक्षा बैठक की। इम्पावर्ड ग्रुप 2 ने आज की बैठक में 3 अहम फैसले लिए है। जिसमे ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा मांग वाले 12 राज्यों की मैपिंग करने के अलावा पीएसए संयंत्रों के लिए अन्य 100 अस्पतालों की पहचान करने और 50,000 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन का आयात करने का फैसला लिया गया।

इम्पावर्ड ग्रुप 2 (EG2) ने बताया कि देश के 12 राज्यों (महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान) से ऑक्सीजन की काफी ज्यादा मांग है। महाराष्ट्र की ओर से की गई मांग राज्य की उपलब्ध उत्पादन क्षमता से ज्यादा है।

मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में मेडिकल ऑक्सीजन की उनकी मांग को पूरा करने के लिए अपनी कोई उत्पादन क्षमता नहीं है। इस बीच गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान जैसे ऑक्सीजन उत्पादक राज्यों में मांग बढ़ रही है। DPIIT, MOHFW, इस्पात मंत्रालय, गंभीर रूप से कई प्रभावित राज्यों, पेट्रोलियम और एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) और ऑक्सीजन निर्माताओं द्वारा संयुक्त रूप से किए गए मैपिंग एक्सरसाइज किया गया। राज्यों की आवश्यकता के अनुरूप मेडिकल ऑक्सीजन के स्रोत और उनकी उत्पादन क्षमता की मैपिंग की गई। मेडिकल ऑक्सीजन के स्रोतों पर राज्यों का मार्गदर्शन करने के लिए एक सांकेतिक ढांचा विकसित किया गया है। 20 अप्रैल, 25 अप्रैल और 30 अप्रैल को उनकी अनुमानित मांग को पूरा करने के लिए इन 12 राज्यों को 4880 मीट्रिक टन, 5619 मीट्रिक टन और 6593 मीट्रिक टन की आपूर्ति करने को कहा गया है।

00 PSA प्लांट के लिए 100 अस्पतालों की पहचान

PSA प्लांट (प्रेशर स्विंग एडसोरप्शन) ऑक्सीजन का निर्माण करते हैं और मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए अस्पतालों को अपनी आवश्यकता के लिए आत्मनिर्भर बनने में मदद करते हैं, साथ ही मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए राष्ट्रीय ग्रिड पर बोझ को कम करते हैं। पीएम-केयर्स के तहत स्वीकृत 162 पीएसए प्लांटों को विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों के अस्पतालों में ऑक्सीजन की सेल्फ जेनरेशन बढ़ाने के लिए 100 फीसदी प्लांट को जल्दी पूरा करने के लिए बारीकी से समीक्षा की जा रही है। EG2 ने साथ ही जरूरतों को पूरा करने के लिए 50,000 मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन के आयात करने का फैसला लिया है। अब 50 हजार मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन के आयात के लिए टेंडर जारी की जाएगी।EG2 मेडिकल ऑक्सीजन की मांग और आपूर्ति की स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मेडिकल ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति के लिए सभी जरुरी कदम उठाए जाएं.

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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