कोल वाशरी को जमीन देने का ग्रामीणों ने किया विरोध, तहसील कार्यालय में की लिखित आपत्ति, कहा गांव को बर्बाद होने नहीं देंगे

मस्तूरी। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के रलिया में अरपा कोल बैनिफिकेशन एंड एनर्जी को रास्ते के लिए शासकीय जमीन आबंटन का ग्रामीणों ने विरोध किया है। बड़ी संख्या में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीणों ने तहसीलदार को लिखित में आपत्ति किया है। ग्रामीणों का कहना है अरपा कोल बैनिफिकेशन एंड एनर्जी अपने निजी लाभ के लिए शासकीय जमीन की मांग कर रहे है।

दरअसल अतिरिक्त तहसीलदार ने जमीन आबंटन को लेकर दावा आपत्ति के लिए इश्तहार जारी किया था। इसके बाद ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज करने क्षेत्र के युवा वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और दावा आपत्ति प्रस्तुत किया हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मेघनाथ खांडेकर तथा विवेक शर्मा ने शिकायत करने के बाद कहा कि विनोद मित्तल द्वारा ग्राम रलिया, भिलाई एवं बेलटुकरी में खोले जाने वाले अरपा कोल वैनिफिकेशन एंड एनर्जी को शासकीय भूमि खसरा नंबर 206 को अपने निजी लाभ के लिए कब्जा करना चाहता है। यह आम रास्ता नहीं शासकीय जमीन है एवं सरकारी भूमि पर कब्जा करना राजस्व सहिंता 1959 कि धारा 248 के तहत अपराध है, भ्रष्टाचार है। अरपा कोल बैनिफिकेशन खोलने के संबंध में जनसुनवाई हुई जिसमें 95 प्रतिशत लोगों ने कोल वाशरी का विरोध किया था।
क्षेत्र के वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों एवं अन्य ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों का कहना है कि एनटीपीसी के अलावा कई कोल वाशरी संचालित है। जिससे राखड़, जहरीली विषैले पानी एवं वायु प्रदूषण के रिसाव एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थ से क्षेत्र कि जनता के स्वास्थ पर बुरा प्रभाव पड़ा है। खेत व फसल तबाह हो रहे हैं। अब ऐसी स्थिति में एक नया कोल वाशरी खोले जाने से क्षेत्र में प्रदूषण कि दोहरी मार झेलनी पड़ेगी और लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा।
इसके अतिरिक्त भिलाई, रलिया, बेलटुकरी, गतौरा, जयराम नगर एवं अन्य गांव को जोड़ने वाली सड़क जर्जर एवं बड़े बड़े गड्‌ढे हो चुके है। कोल वाशरी खुलने से सड़क की दुर्दशा और बढ़ जाएगी। जो की आवा गमन के लिए एकमात्र रास्ता है। यह रास्ता गांवों को जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी है, जिसकी भार क्षमता 10-12 टन की है। जबकि एनटीपीसी और कोल वाशरी की गाड़िया कई टन की होती है। कोल वाशरी में बड़े बड़े ट्रेलर एवं ट्रको की भार क्षमता 80-90 टन का होता है। जिससे यहां के लोगो का चलना दुर्भर हो गया है। अब नया कोल वाशरी खुलने से उक्त क्षेत्र के लोग और परेशान हो का जाएंगे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि हम लोग जनसुनवाई में विरोध किए थे उसके बाद भी अधिकारी भारी विरोध को नजर अंदाज कर रहे हैं। हम पहले भी विरोध किए थे आज भी कर रहे हैं और कल भी शांतिपूर्वक विरोध करेंगे।
शिकायत करने वालों में प्रमुख रूप से चंद्रभान चंद्राकर, पायल साहू, सूरज, विवेक शर्मा, मेघनाथ खांडेकर, आयुष शर्मा, रामेश्वर साहू, बलिराम बघेल, विश्वमढ़ी खांडेकर, विनोद बघेल, देव चंद्राकर रविन्द्र टंडन तथा अन्य ग्रामीण जन शिकायत लेकर उपस्थित थे।

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नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
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