शिवरीनारायण। अखिल ब्रह्मांड की इस अति पावन पुण्य भूमि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां अपने प्रवास पर इसे प्रभु श्री राम की माता कौसल्या का मायका और माता शबरी की भूमि संबोधित किया है इसी तरह छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वीं वर्षगांठ के ऐतिहासिक बेला में राज्य रजत महोत्सव पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष व उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी इस माटी की महिमा का बखान करते हुए प्रभु श्री राम के ननिहाल और माता कौसल्या की स्वर्णिम धरती संबोधित कर छत्तीसगढ़ की जनता और विशेष कर माता कौसल्या जन्मभूमि कोसला धाम वासियों को खुशी से झूम उठने को विवश कर दिया। जगत जननी माता कौसल्या की जन्मभूमि कोसला-धाम से दक्षिण पूर्व दिशा पर लगभग 25 किलोमीटर दूर त्रेता युगीन रामायणकालीन भक्त शिरोमणि भीलनी माता शबरी की जन्म भूमि,विश्व विधाता भगवान स्वामी जगन्नाथ जी की मूलभूमि तथा इस ब्रह्मांड के जीवात्माओं की क्षुधा शांत करने वाली अन्न-धान्य की अधिष्ठात्री देवी अन्नपूर्णा जी की पावन भूमि व श्री राम वन गमन पर्यटन परिपथ का मुख्य केंद्र चित्रोत्पला-गंगा तटीय धर्म-अध्यात्म की पावन नगरी शिवरीनारायण में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ के महामंडलेश्वर एवं श्री भगवान शिवरीनारायण मठ मंदिर न्यास के प्रबंध न्यासी राजे श्री महंत डॉ.रामसुंदर दास जी महाराज के आयोजकत्व एवं न्यासी गण के कुशल प्रबंधन में मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष त्रयोदशी दिन सोमवार दिनांक 17.11.2025 से मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष पंचमी दिन मंगलवार दिनांक 25.11.2025 तक श्री शिवरीनारायण मठ महोत्सव पर श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ एवं विराट व दिव्य संत सम्मेलन का आयोजन किया गया है। ऐसे पावन धरा पर पूर्व वर्षों में आयोजित सम्मेलनों के पुण्य अवसरों पर छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं अपितु पूरे भारतवर्ष के कोने-कोने के साधु-संत महात्मा सहित वरिष्ठ और अति विशिष्ट जन तथा प्रदेश के मंत्रिमंडल के मंत्रीगण शामिल होकर धर्म व भक्तिमय कथा-ज्ञान की श्रवण कर भक्ति-भावमय रस की धारा अपने आप को कृतार्थ करते रहे हैं। इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25वीं वर्ष होने के इस अतिविशिष्ट अवसर पर यह दिव्या आध्यात्मिक आयोजन साधु-संत-महात्मा, विशिष्ट जन तथा जनमानस के लिए ऐतिहासिक व सोने पर सुहागा होगा। जिसमें श्री राम की धरती अयोध्या धाम से अनंतश्री विभूषित कथा व्यास आचार्य श्री स्वामी मधुसूदनाचार्य वेदांताचार्य जी के द्वारा श्री शिवरीनारायण मठ मंदिर परिसर की ऐतिहासिक पावन भूमि पर प्रातः 9:00 बजे से 12:00 बजे तक एवं दोपहर 3:00 से 6:00 बजे तक भक्ति व संगीतमय स्वरलहरियों के साथ आत्म विभोर कर देने वाली प्रवचन किया जाना है। जिसमें धार्मिकता से परिपूर्ण भक्ति धारा की श्रवण व रसपान करने हेतु हजारों नर- नारी, बच्चे, युवा-युवती व वृद्धजन शामिल होकर धन-धान्य की अधिष्ठात्री देवी मां अन्नपूर्णा की प्रसादी ग्रहण करने का सौभाग्य प्राप्त कर अपने व अपने कुल को कृतार्थ करेंगे। कथा श्रवण करने वाले श्रद्धालुओं हेतु मठ मंदिर परिसर में निःशुल्क ठहरने व प्रसादी-भोजन की व्यवस्था है। इसके साथ ही 25 नंबर 2025 मंगलवार मार्ग से शुक्ल पक्ष पंचमी को ,” श्री रामाय नमः ” की जय घोष के साथ श्री राम-जानकी विवाहोत्सव अत्यंत धूमधाम के साथ मनाते हुए धर्म धरा के प्रमुख स्थलों से होते हुए प्रभु श्री राम जी की भव्य बारात निकल जाएगी। इन पावन अवसरों पर इस वर्ष भी आसपास सहित दूर-दराज से हजारों की संख्या में नर-नारी, बच्चे व वृद्ध सहित विशिष्ट जन विशेष रूप से शामिल होंगे।
इस दिव्य आयोजन की तैयारी श्री भगवान शिवरीनारायण मठ मंदिर न्यास के न्यासी गण, मठ-मंदिर के मुख्तियार सुखराम दास , जगन्नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रामेश्वर दास त्यागी सहित नगर के विशिष्ट जनों के द्वारा मंदिर परिसर में स्थापित मठ के परलोकवासी महन्तों की समाधि की पुताई व सजावट सहित मंदिरों का लाइटिंग सौंदर्यीकरण करने के साथ ही भव्य व आकर्षण मंच-पंडाल निर्माण का कार्य जोरों से की जा रही है।
महामंडलेश्वर राजेश्री महंत डॉ. रामसुंदर दास जी महाराज एवं श्री भगवान शिवरीनारायण मठ-मंदिर न्यास के सदस्यों ने श्रद्धालु भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
Author Profile

Latest entries
बिलासपुरFebruary 3, 20262.50 लाख को 02 करोड बनाने का दिया गया झांसा, 3 महिला दो पुरुष गिरफ्तार
बिलासपुरFebruary 2, 20266000 करोड़ महादेव सट्टा कांड की परछाईं फिर लौटी, कांकेर का हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड, DGP ने दो जिलों के SP को निगरानी बढ़ाने और सतर्कता बढ़ाने दिए निर्देश
बिलासपुरFebruary 2, 2026नेशनल हाईवे में लूट, 4 आरोपी गिरफ्तार, 3 कार, 7 मोबाईल और 8000 रू नगद जप्त, पीड़ित के खिलाफ भी होगा जुर्म दर्ज…
बिलासपुरFebruary 1, 2026माघी पूर्णिमा स्नान के साथ छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे बड़ा मेला शुरू, रात भर चला भजन- कीर्तन
