क्षत्रिय समाज ने की मानवाधिकार उलंघन के खिलाफ कार्रवाई की मांग, नहीं तो 7 को करेंगे आंदोलन

बिलासपुर। रायपुर में हुई कथित कस्टोडियल हिंसा और महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार के विरोध में सोमवार की दोपहर क्षत्रिय राजपूत समाज एकजुट हो गया। जिला मुख्यालय बिलासपुर में समाज के लोग दोपहर 12:30 बजे कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, डीजीपी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि क्षत्रिय सम्मान किसी अपराधि के साथ नहीं है लेकिन असंवैधानिक और अपमानजनक रवैए के खिलाफ में हैं।
कुछ दिनों पहले रानपुर में करणी सेना के राष्ट्रीन उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने न केवल उन्हें सड़क पर जुलूस की तरह घुमाया, बल्कि सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार कर मानवाधिकारों का उल्लंघन किया। समान ने पुलिस पर आरोप लगाया कि कस्टडी के दौरान तोमर की पत्नी, और छोटे भाई की पत्नी और माँ के साथ भो अशालीन हरकतें और अमानवीय व्यवहार किया गया। राजपूत क्षत्रिय समान ने स्पष्ट किया कि वे किसी अपराधी या उसके कानूनी दंड का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि पुलिसकर्मियों के क्रूर, असंवैधानिक और अपमानजनक रवैये के खिलाफ आवान उठा रहे हैं। ज्ञापन में कहा गया कि यह घटना न केवल मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाती है, बल्कि संविधान, पुलिस मैनुअल और कानून व्यवस्था की मूल भावना का भी खुला उल्लंघन है। समान ने इसे शासन की गरिमा और जनता के विश्वास पर बहरा प्रहार बताया।
00 7 को होगा बड़ा आंदोलन
क्षत्रिय समाज ने प्रशासन को अवगत कराया कि नदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से राज्यव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसी क्रम में 7 विसंबर को रायपुर में बड़े सत्याग्रह की घोषणा भी की गई है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की बताई गई है। कलेक्टोरेट परिसर में ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया।
00 समाज ने रखा सात मांग
थाना प्रभारी योगेश कश्यप को तत्काल निलंबित कर एफआईआर दर्ज किया जाए, सीप्लापी राजेश देवांगन पर भी दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। रायपुर एलयों शाल उम्मेद सिंह को पदमुक्त कर संवैधानिक धाराों में अभियोग पर्ने हो। जुलुस, मारपीट और अपमानजनक हरकत में शामिल पुलिसकर्मियों को निलंबित कर कठोर कार्रवाई की जाए। करणी सेना के पदाधिकारियों पर पर्न कथित झूठे मामलों को उत्काल निरस्त किया जाए। तोमर परिवार को आर्थिक मानसिक नुकसान की भरपाई के लिए मानहानि का मुकदमा दर्ज किया जाए। पूरे मामले की निष्पक्ष,स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच करने टीम गठित की जाए।

Author Profile

नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794
नीरजधर दीवान /संपादक - मोबाइल नंबर 8085229794

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *